दिल्ली पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के तीन सदस्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए कई वजहें बताई हैं। इनमें जंतर-मंतर पर उस जगह घुसने की कोशिश शामिल है जहाँ से विरोध प्रदर्शन की अनुमति वापस ले ली गई थी। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी काम में बाधा डालने, बार-बार कानून तोड़ने और सोशल मीडिया के ज़रिए दूसरों को उकसाने की कोशिश करने के आरोप भी लगाए गए हैं। CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन्हें तिहाड़ जेल परिसर की अलग-अलग जेलों में रखा गया है। दास को जेल नंबर 2 में और रंका को जेल नंबर 4 में रखा गया है।
इसे भी पढ़ें: CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर Mamata Banerjee बोलीं, यह पूरी पीढ़ी को डराना है
यह कार्रवाई 13 अक्टूबर की एक घटना के बाद की गई, जब CJP के 14 सदस्यों (जिनमें दास, रंका और अजिंक्य शिंदे शामिल थे) ने कथित तौर पर एक निजी जगह से जंतर-मंतर में प्रवेश किया, जबकि उस जगह को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने दखल दिया और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी काम में बाधा पहुंचाई, जिसके बाद पुलिस ने सभी 14 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
इसे भी पढ़ें: CEC के विरोध प्रदर्शन से दिल्ली को हजारों करोड़ का नुकसान, CM Rekha Gupta का हमला
दास, रंका और शिंदे के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई के बारे में बताते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक शांति भंग करने और क़ानून तोड़ने की बार-बार की गई कथित कोशिशों को देखते हुए तीनों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। बयान के मुताबिक, पुलिस ने सोशल मीडिया के ज़रिए दूसरों को ऐसी ही ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने की उनकी कथित कोशिशों पर भी ध्यान दिया।

