गोपालगंज के गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही जगदीश गांव में शनिवार को शौचालय की टंकी की सेन्टरिंग खोलने उतरे 4 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान सवनही पट्टी गांव निवासी बंटी बैठा (30), मो. गयासुद्दीन का बेटा टीपू (31) और सवनहीं वृत टोला गांव निवासी विश्वनाथ यादव का बेटा उमेश यादव (34) के रूप में की गई है। चौथे मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना…. जानकारी के अनुसार, गांव में एक शौचालय की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी की ढलाई के बाद उसके अंदर लगाई गई लकड़ी और बांस की सेन्टरिंग को हटाने के लिए सबसे पहले मजदूर बंटी नीचे उतरा। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला और अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो उसे देखने के लिए एक-एक करके तीन अन्य मजदूर भी सेप्टिक टैंक के भीतर उतर गए। टंकी लंबे समय से बंद थी, जिससे उसके अंदर जहरीली गैस जमा हो गई थी। बचाने पहुंचे मजदूरों की हालत बिगड़ी अंदर जाते ही चारों मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए और उनका दम घुटने लगा। बाहर खड़े एक अन्य मजदूर सेराज भी अंदर गया, लेकिन उसे भी गैस ने अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, कुछ लोगों ने उसे तुरंत बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने अनहोनी का संदेह होने पर शोर मचाया और ग्रामीणों को इकट्ठा किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद टंकी की दीवार को तोड़कर और सीढ़ी के सहारे चारों मजदूरों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा बॉडी घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है। इस हादसे के बाद सवनही गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। गोपालगंज के गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही जगदीश गांव में शनिवार को शौचालय की टंकी की सेन्टरिंग खोलने उतरे 4 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान सवनही पट्टी गांव निवासी बंटी बैठा (30), मो. गयासुद्दीन का बेटा टीपू (31) और सवनहीं वृत टोला गांव निवासी विश्वनाथ यादव का बेटा उमेश यादव (34) के रूप में की गई है। चौथे मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना…. जानकारी के अनुसार, गांव में एक शौचालय की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी की ढलाई के बाद उसके अंदर लगाई गई लकड़ी और बांस की सेन्टरिंग को हटाने के लिए सबसे पहले मजदूर बंटी नीचे उतरा। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला और अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो उसे देखने के लिए एक-एक करके तीन अन्य मजदूर भी सेप्टिक टैंक के भीतर उतर गए। टंकी लंबे समय से बंद थी, जिससे उसके अंदर जहरीली गैस जमा हो गई थी। बचाने पहुंचे मजदूरों की हालत बिगड़ी अंदर जाते ही चारों मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए और उनका दम घुटने लगा। बाहर खड़े एक अन्य मजदूर सेराज भी अंदर गया, लेकिन उसे भी गैस ने अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, कुछ लोगों ने उसे तुरंत बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने अनहोनी का संदेह होने पर शोर मचाया और ग्रामीणों को इकट्ठा किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद टंकी की दीवार को तोड़कर और सीढ़ी के सहारे चारों मजदूरों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा बॉडी घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है। इस हादसे के बाद सवनही गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

