सुल्तानगंज में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा:अजगैबीनाथ और नमामि गंगे घाट पर कांवरियों की बढ़ी परेशानी, मुख्य सड़क पर 3 फीट पानी

सुल्तानगंज में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा:अजगैबीनाथ और नमामि गंगे घाट पर कांवरियों की बढ़ी परेशानी, मुख्य सड़क पर 3 फीट पानी

भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार 26 अगस्त को सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 35.88 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 34.50 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 1.38 मीटर ऊपर बह रही है। प्रसिद्ध अजगैबीनाथ गंगा घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। अब गंगा का पानी नमामि गंगे घाट तक पहुंच गया है। घाट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। इसके बावजूद कांवरिया और श्रद्धालु पानी के बीच से होकर आवाजाही कर रहे हैं। नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए रजिस्ट्रेशन काउंटर, स्वास्थ्य शिविर और आसपास की कई दुकानों में भी पानी प्रवेश कर गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। यदि पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नमामि गंगे घाट को बंद करना पड़ सकता है। सावधानी बरतने की अपील श्रद्धालु अजय कुमार ने कहा कि गंगा का जलस्तर काफी उफान पर है और पानी का बहाव भी तेज है। रास्ते में भी पानी भरा हुआ है, जिससे परेशानी बढ़ गई है। सुल्तानगंज से करीब 200 किलोमीटर दूर रामेश्वरनाथ मंदिर जाएंगे। वहां गंगाजल से जलार्पण करेंगे। श्रद्धालु द्विजेन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि गंगा का जलस्तर काफी भयावह है। घाट पर चारों तरफ पानी भरा हुआ है है। उन्होंने सभी लोगों ने काफी सावधानी बरतते हुए स्नान किया। बढ़े जलस्तर के कारण थोड़ी परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा इधर, गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर भागलपुर जिले के अन्य इलाकों में भी दिख रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कहलगांव में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों और तटवर्ती क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार 26 अगस्त को सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 35.88 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 34.50 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 1.38 मीटर ऊपर बह रही है। प्रसिद्ध अजगैबीनाथ गंगा घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। अब गंगा का पानी नमामि गंगे घाट तक पहुंच गया है। घाट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। इसके बावजूद कांवरिया और श्रद्धालु पानी के बीच से होकर आवाजाही कर रहे हैं। नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए रजिस्ट्रेशन काउंटर, स्वास्थ्य शिविर और आसपास की कई दुकानों में भी पानी प्रवेश कर गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। यदि पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नमामि गंगे घाट को बंद करना पड़ सकता है। सावधानी बरतने की अपील श्रद्धालु अजय कुमार ने कहा कि गंगा का जलस्तर काफी उफान पर है और पानी का बहाव भी तेज है। रास्ते में भी पानी भरा हुआ है, जिससे परेशानी बढ़ गई है। सुल्तानगंज से करीब 200 किलोमीटर दूर रामेश्वरनाथ मंदिर जाएंगे। वहां गंगाजल से जलार्पण करेंगे। श्रद्धालु द्विजेन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि गंगा का जलस्तर काफी भयावह है। घाट पर चारों तरफ पानी भरा हुआ है है। उन्होंने सभी लोगों ने काफी सावधानी बरतते हुए स्नान किया। बढ़े जलस्तर के कारण थोड़ी परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा इधर, गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर भागलपुर जिले के अन्य इलाकों में भी दिख रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कहलगांव में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों और तटवर्ती क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।  

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