सुपौल में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सीमा से सटे गांवों के विकास को लेकर गुरुवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब 5 किलोमीटर तक पैदल सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। डीएम सावन कुमार ने एसपी सरथ आरएस, अनुमंडल प्रशासन और एसएसबी अधिकारियों के साथ वीरपुर वार्ड नंबर-1 के नो मेंस लैंड से सटे सरवरिया टोला से मुंशी पिपराही बीओपी तक पैदल चलकर सीमा क्षेत्र का जायजा लिया। निरीक्षण वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत किया गया। बसंतपुर प्रखंड के इस कार्यक्रम में चयनित 27 राजस्व ग्रामों में विकास कार्यों के साथ सीमा सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने नो मेंस लैंड की स्थिति, संभावित अतिक्रमण, अवैध निर्माण और सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी ली। शराब, हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने पर जोर डीएम सावन कुमार ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से लगे गांवों और नो मेंस लैंड के आसपास लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में किसी तरह का अवैध स्ट्रक्चर बनने से रोकना और नशीले पदार्थ, शराब या हथियारों की तस्करी तथा अवैध आदान-प्रदान पर पूरी तरह रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश डीएम ने अधिकारियों और सुरक्षा बलों को सीमा क्षेत्र में लगातार गश्त करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान वीरपुर एसडीएम विनय कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा, सीओ ब्रजेश कुमार सिंह समेत एसएसबी के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। सुपौल में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सीमा से सटे गांवों के विकास को लेकर गुरुवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब 5 किलोमीटर तक पैदल सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। डीएम सावन कुमार ने एसपी सरथ आरएस, अनुमंडल प्रशासन और एसएसबी अधिकारियों के साथ वीरपुर वार्ड नंबर-1 के नो मेंस लैंड से सटे सरवरिया टोला से मुंशी पिपराही बीओपी तक पैदल चलकर सीमा क्षेत्र का जायजा लिया। निरीक्षण वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत किया गया। बसंतपुर प्रखंड के इस कार्यक्रम में चयनित 27 राजस्व ग्रामों में विकास कार्यों के साथ सीमा सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने नो मेंस लैंड की स्थिति, संभावित अतिक्रमण, अवैध निर्माण और सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी ली। शराब, हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने पर जोर डीएम सावन कुमार ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से लगे गांवों और नो मेंस लैंड के आसपास लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में किसी तरह का अवैध स्ट्रक्चर बनने से रोकना और नशीले पदार्थ, शराब या हथियारों की तस्करी तथा अवैध आदान-प्रदान पर पूरी तरह रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश डीएम ने अधिकारियों और सुरक्षा बलों को सीमा क्षेत्र में लगातार गश्त करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान वीरपुर एसडीएम विनय कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा, सीओ ब्रजेश कुमार सिंह समेत एसएसबी के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

