सीहोर जिले में जनभागीदारी के माध्यम से हुई भर्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने विरोध शुरू कर दिया है। NSUI जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना और अनशन शुरू किया गया है। NSUI का आरोप है कि जनभागीदारी के माध्यम से हुई कुछ भर्तियां संदिग्ध, फर्जी और नियमविरुद्ध तरीके से की गई हैं। संगठन ने इन नियुक्तियों को निरस्त करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। NSUI ने रखीं ये मांगें NSUI की प्रमुख मांग है कि संदिग्ध और कथित रूप से फर्जी तरीके से की गई नियुक्तियों को तत्काल रद्द किया जाए। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि जांच के बाद योग्य और शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर दिए जाने चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने धरने को दिया समर्थन NSUI जिला संगठन ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से धरने व अनशन में शामिल होकर समर्थन देने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन युवाओं के रोजगार और उनके अधिकारों से जुड़ा है। धरने में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव सहित कांग्रेस और NSUI के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

