सीहोर के फ्रीगंज क्षेत्र में बुंदेलखंड की प्राचीन परंपरा के अनुसार सूर्यवंशी समाज ने जवारों का चल समारोह निकाला। पारंपरिक ढोल-ढमाकों की गूंज के बीच समाज के लोग टाउन हॉल स्थित विसर्जन घाट पहुंचे, जहां विधि-विधान से जवारों का विसर्जन किया गया। समारोह में पुरुष, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। संस्कृति से जुड़ी रहती है युवा पीढ़ी समाज के वरिष्ठ नागरिक राजेश सूर्यवंशी ने बताया कि फ्रीगंज में कई सालों से बुंदेलखंडी परंपराओं का पालन किया जा रहा है। समाज अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए इन रीति-रिवाजों को निभाता है, ताकि युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे। सभी प्रमुख त्योहार बुंदेलखंडी रीति-रिवाजों से मनाते हैं राजेश सूर्यवंशी ने बताया कि समाज में जवारे विसर्जन के अलावा होली, रक्षाबंधन, भुजरिया और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार भी बुंदेलखंड की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाए जाते हैं। चल समारोह में श्रद्धालु ढोल की थाप पर थिरकते हुए उत्साह के साथ विसर्जन घाट पहुंचे।

