सीवान में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच शनिवार को भाकपा माले नगर कमिटी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR के विरोध में प्रदर्शन किया। चंद्रशेखर चौक पर कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग में लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन मुख्य चुनाव आयुक्तों में से दो की सहमति नहीं होने के बावजूद फैसले लिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां थीं तो उन्हें क्यों नहीं माना गया। SIR के तहत नाम हटाने का लगाया आरोप अमित कुमार ने कहा कि SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे मतदान के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताया। गोवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि स्थायी अधिकारियों की जांच में योग्य पाए जाने के बावजूद कई लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़े गए। उन्होंने जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद के दौरान नेताओं की गिरफ्तारी का भी विरोध किया। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग आइसा सचिव अनीश कुशवाहा ने कहा कि मतदान का संवैधानिक अधिकार लंबे संघर्ष और शहादत के बाद हासिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब इसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है। वार्ड पार्षद दीपक साह ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही SIR को रद्द करने और SIR के बाद हुए चुनावों को रद्द करने की मांग भी रखी। प्रिंस पासवान ने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए जा रहे फैसलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन में प्रदीप बास्फोर, कल्लू बास्फोर, धर्मेंद्र कुमार, नितेश नायक, नीरज कुशवाहा, पिंटू कुमार, केशव शाह, आयुष कुमार, अजीत कुमार, आदित्य कुमार, अभिषेक कुमार और राजू साह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सीवान में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच शनिवार को भाकपा माले नगर कमिटी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR के विरोध में प्रदर्शन किया। चंद्रशेखर चौक पर कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग में लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन मुख्य चुनाव आयुक्तों में से दो की सहमति नहीं होने के बावजूद फैसले लिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां थीं तो उन्हें क्यों नहीं माना गया। SIR के तहत नाम हटाने का लगाया आरोप अमित कुमार ने कहा कि SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे मतदान के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताया। गोवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि स्थायी अधिकारियों की जांच में योग्य पाए जाने के बावजूद कई लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़े गए। उन्होंने जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद के दौरान नेताओं की गिरफ्तारी का भी विरोध किया। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग आइसा सचिव अनीश कुशवाहा ने कहा कि मतदान का संवैधानिक अधिकार लंबे संघर्ष और शहादत के बाद हासिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब इसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है। वार्ड पार्षद दीपक साह ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही SIR को रद्द करने और SIR के बाद हुए चुनावों को रद्द करने की मांग भी रखी। प्रिंस पासवान ने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए जा रहे फैसलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन में प्रदीप बास्फोर, कल्लू बास्फोर, धर्मेंद्र कुमार, नितेश नायक, नीरज कुशवाहा, पिंटू कुमार, केशव शाह, आयुष कुमार, अजीत कुमार, आदित्य कुमार, अभिषेक कुमार और राजू साह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

