सीवान के जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन ने सोमवार को क्षतिग्रस्त मकान को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। शुक्रवार शाम हुए इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, मकान मालिक और पटाखा निर्माणकर्ता अमीरुद्दीन की पोती मुस्कान सिद्दीकी अब तक लापता है। प्रशासन का कहना है कि भवन गिराने के बाद मलबे में दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। विस्फोट में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत 5 की मौत शुक्रवार शाम हुए विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई थी। मलबे से एक ही परिवार के तीन सदस्यों, पटाखा बनाने के काम में लगे एक मजदूर और पड़ोस के एक बच्चे के शवों के टुकड़े बरामद किए गए थे। पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिन्होंने उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। 24 घंटे तक चला रेस्क्यू, नहीं मिला मुस्कान का सुराग हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए करीब 24 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। हालांकि, विस्फोट से भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इमारत के किसी भी हिस्से के अचानक गिरने की आशंका के कारण रेस्क्यू टीम और मजदूरों को मलबा हटाने में परेशानी हो रही थी। सुरक्षा को देखते हुए अभियान रोकना पड़ा। बाद में पता चला कि अमीरुद्दीन की पोती मुस्कान सिद्दीकी भी विस्फोट के समय मकान में मौजूद थी। पांच लोगों के शव मिलने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इससे परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। शनिवार शाम एसपी भारत सोनी ने रेस्क्यू अभियान रोकने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि मुस्कान का पता नहीं चल पाया है। क्षतिग्रस्त भवन को गिराने के बाद दोबारा मलबे की तलाशी लेने की बात भी कही गई थी। नोटिस चिपकाने के बाद बुलडोजर से गिराया जा रहा मकान प्रशासन ने भवन की स्थिति की जांच भवन निर्माण विभाग और सदर एसडीओ के स्तर पर कराई थी। जांच में मकान को जर्जर और खतरनाक पाए जाने के बाद उसे गिराने का निर्णय लिया गया। सोमवार को भवन के बाहर नोटिस चिपकाया गया। इसमें इमारत की खराब स्थिति और उससे बड़े हादसे की आशंका का उल्लेख किया गया था। इसके कुछ घंटे बाद ही बुलडोजर से मकान गिराने का काम शुरू कर दिया गया। मौके पर जामो थाना प्रभारी कृष्णा और बड़हरिया के अंचल अधिकारी मनीष कुमार की निगरानी में कार्रवाई की जा रही है। भवन को सुरक्षित तरीके से ढहाने के बाद मलबे की दोबारा तलाशी ली जाएगी। रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण पर उठे सवाल अलमापुर में हुए इस हादसे ने रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण और ऐसी गतिविधियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता क्षतिग्रस्त भवन को सुरक्षित तरीके से गिराने और लापता मुस्कान के बारे में पता लगाने की है। फिलहाल, गांव के लोगों और परिजनों की नजरें मलबे की दोबारा तलाशी पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि इस अभियान से मुस्कान के बारे में कोई जानकारी मिल सकेगी। सीवान के जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन ने सोमवार को क्षतिग्रस्त मकान को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। शुक्रवार शाम हुए इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, मकान मालिक और पटाखा निर्माणकर्ता अमीरुद्दीन की पोती मुस्कान सिद्दीकी अब तक लापता है। प्रशासन का कहना है कि भवन गिराने के बाद मलबे में दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। विस्फोट में एक ही परिवार के तीन लोगों समेत 5 की मौत शुक्रवार शाम हुए विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई थी। मलबे से एक ही परिवार के तीन सदस्यों, पटाखा बनाने के काम में लगे एक मजदूर और पड़ोस के एक बच्चे के शवों के टुकड़े बरामद किए गए थे। पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिन्होंने उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। 24 घंटे तक चला रेस्क्यू, नहीं मिला मुस्कान का सुराग हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए करीब 24 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। हालांकि, विस्फोट से भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इमारत के किसी भी हिस्से के अचानक गिरने की आशंका के कारण रेस्क्यू टीम और मजदूरों को मलबा हटाने में परेशानी हो रही थी। सुरक्षा को देखते हुए अभियान रोकना पड़ा। बाद में पता चला कि अमीरुद्दीन की पोती मुस्कान सिद्दीकी भी विस्फोट के समय मकान में मौजूद थी। पांच लोगों के शव मिलने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इससे परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। शनिवार शाम एसपी भारत सोनी ने रेस्क्यू अभियान रोकने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि मुस्कान का पता नहीं चल पाया है। क्षतिग्रस्त भवन को गिराने के बाद दोबारा मलबे की तलाशी लेने की बात भी कही गई थी। नोटिस चिपकाने के बाद बुलडोजर से गिराया जा रहा मकान प्रशासन ने भवन की स्थिति की जांच भवन निर्माण विभाग और सदर एसडीओ के स्तर पर कराई थी। जांच में मकान को जर्जर और खतरनाक पाए जाने के बाद उसे गिराने का निर्णय लिया गया। सोमवार को भवन के बाहर नोटिस चिपकाया गया। इसमें इमारत की खराब स्थिति और उससे बड़े हादसे की आशंका का उल्लेख किया गया था। इसके कुछ घंटे बाद ही बुलडोजर से मकान गिराने का काम शुरू कर दिया गया। मौके पर जामो थाना प्रभारी कृष्णा और बड़हरिया के अंचल अधिकारी मनीष कुमार की निगरानी में कार्रवाई की जा रही है। भवन को सुरक्षित तरीके से ढहाने के बाद मलबे की दोबारा तलाशी ली जाएगी। रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण पर उठे सवाल अलमापुर में हुए इस हादसे ने रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण और ऐसी गतिविधियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता क्षतिग्रस्त भवन को सुरक्षित तरीके से गिराने और लापता मुस्कान के बारे में पता लगाने की है। फिलहाल, गांव के लोगों और परिजनों की नजरें मलबे की दोबारा तलाशी पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि इस अभियान से मुस्कान के बारे में कोई जानकारी मिल सकेगी।

