मथुरा में नगर निगम मथुरा-वृंदावन में सफाई कर्मचारियों की सात सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होने पर सोमवार को उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच एवं संपूर्ण संघर्ष समिति की बैठक भरतपुर गेट स्थित विक्की वाल्मीकि के कार्यालय में हुई। बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों की प्रगति की समीक्षा की गई और समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। संगठन ने नगर निगम प्रशासन पर आश्वासन देने के बावजूद समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। संगठन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सफाई कर्मचारियों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया जा चुका है। मांगों के समर्थन में चार से सात अक्टूबर तक हड़ताल भी की गई थी। इसके बाद सात अक्टूबर को पार्षदों की मौजूदगी में संयुक्त कार्यकारिणी की वार्ता हुई थी। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने मांगों का समाधान 20 दिन के भीतर कराने का आश्वासन दिया था। इस पर संगठन ने प्रशासन को 31 अक्टूबर तक का समय दिया था। संगठन का कहना है कि दीपावली और भैया दूज जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक हैं, लेकिन सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हो सका है। मांगों के निस्तारण के लिए नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाने संबंधी अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है। सोमवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों ने मांगों के समाधान की स्थिति पर चर्चा की। साथ ही, तय समयसीमा के भीतर समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर आगे की कार्रवाई को लेकर विचार किया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर अब सामूहिक रूप से अगला कदम तय किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच एवं संपूर्ण संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और महामंत्री अजय चौधरी सहित अन्य संबंधित लोगों ने बैठक में भाग लिया। संगठन ने प्रशासन से मांगों का समयबद्ध समाधान करने की अपेक्षा जताई है।

