मथुरा के सोनई में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि समाज की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। इसका शुभारंभ रालोद मांट के विधानसभा अध्यक्ष जयवीर सिंह एडवोकेट ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत के आदिकवि थे और उन्होंने रामायण की रचना की। सोहनलाल वाल्मीकि ने उनके जीवन से जुड़ी कथा सुनाते हुए बताया कि नारद जी के संपर्क में आने के बाद उनका हृदय परिवर्तन हुआ और वे रामभक्त बन गए। शोभायात्रा वाल्मीकि मंदिर, थोक सुमेरा से शुरू होकर थोक वृंदावनी, थोक कमल, थोक ज्ञान, नगला बरी और हाथरस रोड से होते हुए वाल्मीकि बगीची पर समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

