सीवान के महाराजगंज में सांसद के सामने थिरकीं नर्तकियां:अश्लील गानों को ‘लोकगीत’ बताकर प्रशासन से सहमति मिलने का किया दावा

सीवान के महाराजगंज में सांसद के सामने थिरकीं नर्तकियां:अश्लील गानों को ‘लोकगीत’ बताकर प्रशासन से सहमति मिलने का किया दावा

सीवान में महावीरी अखाड़ा जुलूस को लेकर जिला प्रशासन के नियम और दावे महाराजगंज में हवा-हवाई हो गए। जहां एक तरफ जिले के अन्य हिस्सों में डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर FIR दर्ज कर कोरम पूरा किया गया। वहीं महाराजगंज के प्रसिद्ध मौनिया बाबा मेले में स्थानीय सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में न सिर्फ डीजे बजा, बल्कि प्रतिबंधित नर्तकियों ने अश्लील गानों पर डांस भी किया। इस घटना ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दावे और हकीकत के बीच का विरोधाभास मेले से पहले जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने शांति समिति की बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिया था कि किसी भी कीमत पर डीजे और ऑर्केस्ट्रा की अनुमति नहीं होगी। लेकिन महाराजगंज में तस्वीर पूरी तरह उलट दिखी। स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन के सुर बदल गए। सांसद ने ऑर्केस्ट्रा को “लोक नृत्य” और अश्लील गानों को “लोकगीत” बताकर प्रशासन से सहमति मिलने का दावा किया, हालांकि डीएम ने इस दावे को खारिज कर दिया था। एसपी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई नर्तकियों को नोटिस देने और कार्यक्रम में शामिल न होने की हिदायत देने का दावा भी किया था। इसके बावजूद, ये नर्तकियां मेले में पहुंचीं और कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मौके से आई तस्वीरें…… अधिकारियों के सामने उड़ती रहीं नियमों की धज्जियां सबसे चौंकाने वाली तस्वीर मुख्य प्रशासनिक मंच के सामने देखने को मिली। मंच पर सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल विराजमान थे और नीचे एसडीओ अनीता सिन्हा व एसडीपीओ अमन की मौजूदगी में प्रतिबंधित डीजे और ऑर्केस्ट्रा धड़ल्ले से चलता रहा। जाति विशेष पर आधारित आपत्तिजनक और अश्लील गीतों पर भी डांस हुआ, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारी कार्यक्रम को रोकने के बजाय भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था संभालने में लगे रहे। जब एक जातिगत टिप्पणी वाला गीत बजा, तो उसे बंद कराने की जगह हिंदी गाना बजवाकर कार्यक्रम जारी रखा गया। बारिश में भीगी कर्तव्यनिष्ठा पर भारी पड़ी लापरवाही मेले के अंतिम दौर में हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासन का एक दूसरा चेहरा भी दिखाया। एसडीओ और एसडीपीओ खुद पानी में पूरी तरह भीगकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। लेकिन आम लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि जो अधिकारी अपनी ड्यूटी के लिए बारिश में भीग सकते हैं, वे अपनी आंखों के सामने हो रहे नियमों के उल्लंघन को क्यों नहीं रोक पाए? सीवान में महावीरी अखाड़ा जुलूस को लेकर जिला प्रशासन के नियम और दावे महाराजगंज में हवा-हवाई हो गए। जहां एक तरफ जिले के अन्य हिस्सों में डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर FIR दर्ज कर कोरम पूरा किया गया। वहीं महाराजगंज के प्रसिद्ध मौनिया बाबा मेले में स्थानीय सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में न सिर्फ डीजे बजा, बल्कि प्रतिबंधित नर्तकियों ने अश्लील गानों पर डांस भी किया। इस घटना ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दावे और हकीकत के बीच का विरोधाभास मेले से पहले जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने शांति समिति की बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिया था कि किसी भी कीमत पर डीजे और ऑर्केस्ट्रा की अनुमति नहीं होगी। लेकिन महाराजगंज में तस्वीर पूरी तरह उलट दिखी। स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन के सुर बदल गए। सांसद ने ऑर्केस्ट्रा को “लोक नृत्य” और अश्लील गानों को “लोकगीत” बताकर प्रशासन से सहमति मिलने का दावा किया, हालांकि डीएम ने इस दावे को खारिज कर दिया था। एसपी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई नर्तकियों को नोटिस देने और कार्यक्रम में शामिल न होने की हिदायत देने का दावा भी किया था। इसके बावजूद, ये नर्तकियां मेले में पहुंचीं और कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मौके से आई तस्वीरें…… अधिकारियों के सामने उड़ती रहीं नियमों की धज्जियां सबसे चौंकाने वाली तस्वीर मुख्य प्रशासनिक मंच के सामने देखने को मिली। मंच पर सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल विराजमान थे और नीचे एसडीओ अनीता सिन्हा व एसडीपीओ अमन की मौजूदगी में प्रतिबंधित डीजे और ऑर्केस्ट्रा धड़ल्ले से चलता रहा। जाति विशेष पर आधारित आपत्तिजनक और अश्लील गीतों पर भी डांस हुआ, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारी कार्यक्रम को रोकने के बजाय भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था संभालने में लगे रहे। जब एक जातिगत टिप्पणी वाला गीत बजा, तो उसे बंद कराने की जगह हिंदी गाना बजवाकर कार्यक्रम जारी रखा गया। बारिश में भीगी कर्तव्यनिष्ठा पर भारी पड़ी लापरवाही मेले के अंतिम दौर में हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासन का एक दूसरा चेहरा भी दिखाया। एसडीओ और एसडीपीओ खुद पानी में पूरी तरह भीगकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। लेकिन आम लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि जो अधिकारी अपनी ड्यूटी के लिए बारिश में भीग सकते हैं, वे अपनी आंखों के सामने हो रहे नियमों के उल्लंघन को क्यों नहीं रोक पाए?  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *