सीवान के अमलोरी स्थित बैकुंठ शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में शनिवार को सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन रमेंद्र राय सहित शिक्षकों को छात्र-छात्राओं ने गुरु-शिष्य परंपरा के अनुरूप केक कटवाकर और गीत प्रस्तुत कर सम्मानित किया। इस दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को याद किया गया। शिक्षक दिवस समारोह के दौरान कॉलेज के चेयरमैन रमेंद्र राय ने आगामी सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी की घोषणा की। शिक्षकों को उचित सम्मान दिलाना उद्देश्य कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सारण क्षेत्र के शिक्षकों की ओर से लंबे समय से उन्हें चुनाव लड़ने का आग्रह किया जा रहा था। काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने शिक्षक दिवस के मौके पर उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में उतरने का उनका उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को मजबूती से उठाना और उन्हें उनका उचित सम्मान दिलाना है। ”हर व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान” उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है तो वे हमेशा शिक्षकों की अपेक्षाओं और हितों के अनुरूप काम करेंगे। रमेंद्र राय ने कहा कि समाज में शिक्षक का दर्जा सबसे ऊपर होना चाहिए। डॉक्टर,इंजीनियर,आईएएस अधिकारी या वैज्ञानिक बनने वाले हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसके बावजूद आज कई जगह शिक्षकों को वह सम्मान नहीं मिलता, जिसके वे हकदार हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता दिलाने मजबूती से उठाएंगे आवाज उन्होंने कहा कि कभी-कभी यह स्थिति देखकर हंसी आती है कि शिक्षक नेताओं और अधिकारियों के पैर छूकर प्रणाम करते हैं, जबकि वे खड़े रहते हैं और एक कर्मचारी आराम से कुर्सी पर बैठा रहता है। उन्होंने कहा कि उनका पहला प्रयास शिक्षकों को उनके पद और भूमिका के अनुरूप सम्मान दिलाना होगा।साथ ही शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिलाने के लिए भी वे मजबूती से आवाज उठाएंगे। रमेंद्र राय ने कहा कि वे पहले भी शिक्षक थे,आज भी शिक्षक हैं और चुनाव जीतने के बाद भी शिक्षक ही रहेंगे।उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य नेता बनना नहीं,बल्कि शिक्षकों के हितों के लिए खड़े रहना है। सीवान के अमलोरी स्थित बैकुंठ शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में शनिवार को सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन रमेंद्र राय सहित शिक्षकों को छात्र-छात्राओं ने गुरु-शिष्य परंपरा के अनुरूप केक कटवाकर और गीत प्रस्तुत कर सम्मानित किया। इस दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को याद किया गया। शिक्षक दिवस समारोह के दौरान कॉलेज के चेयरमैन रमेंद्र राय ने आगामी सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी की घोषणा की। शिक्षकों को उचित सम्मान दिलाना उद्देश्य कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सारण क्षेत्र के शिक्षकों की ओर से लंबे समय से उन्हें चुनाव लड़ने का आग्रह किया जा रहा था। काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने शिक्षक दिवस के मौके पर उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में उतरने का उनका उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को मजबूती से उठाना और उन्हें उनका उचित सम्मान दिलाना है। ”हर व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान” उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है तो वे हमेशा शिक्षकों की अपेक्षाओं और हितों के अनुरूप काम करेंगे। रमेंद्र राय ने कहा कि समाज में शिक्षक का दर्जा सबसे ऊपर होना चाहिए। डॉक्टर,इंजीनियर,आईएएस अधिकारी या वैज्ञानिक बनने वाले हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसके बावजूद आज कई जगह शिक्षकों को वह सम्मान नहीं मिलता, जिसके वे हकदार हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता दिलाने मजबूती से उठाएंगे आवाज उन्होंने कहा कि कभी-कभी यह स्थिति देखकर हंसी आती है कि शिक्षक नेताओं और अधिकारियों के पैर छूकर प्रणाम करते हैं, जबकि वे खड़े रहते हैं और एक कर्मचारी आराम से कुर्सी पर बैठा रहता है। उन्होंने कहा कि उनका पहला प्रयास शिक्षकों को उनके पद और भूमिका के अनुरूप सम्मान दिलाना होगा।साथ ही शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिलाने के लिए भी वे मजबूती से आवाज उठाएंगे। रमेंद्र राय ने कहा कि वे पहले भी शिक्षक थे,आज भी शिक्षक हैं और चुनाव जीतने के बाद भी शिक्षक ही रहेंगे।उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य नेता बनना नहीं,बल्कि शिक्षकों के हितों के लिए खड़े रहना है।

