सीतामढ़ी जिले में चीनी और प्याज की कीमतों में अचानक वृद्धि से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चीनी की कीमत में 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम तक का उछाल आया है, जबकि प्याज भी लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम महंगा हो गया है। किराना दुकानदार बीरेंद्र प्रसाद के अनुसार, पहले चीनी 40-45 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, जो अब बढ़कर लगभग 70 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि थोक बाजार से ही चीनी महंगे दाम पर मिल रही है, जिसके लिए इथेनॉल उत्पादन को एक मुख्य कारण बताया जा रहा है। कस्टमर और दुकानदारों के बीच बहस दुकानदार सुमित कुमार ने बताया कि पिछले 10-15 दिनों में चीनी के दाम में 20 से 25 रुपये तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों के बीच बहस की स्थिति बन रही है। दुकानदार जयप्रकाश ने यह भी जानकारी दी कि चीनी के साथ-साथ सरसों तेल के दाम में भी करीब पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है। प्याज विक्रेता चंद्रदेव के मुताबिक, जो प्याज पहले 40 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, वह अब 50 रुपये में बेचना पड़ रहा है। आगे भी कीमत बढ़ने की संभावना नागेंद्र साह ने बताया कि थोक बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर खुदरा बाजार पर पड़ा है, जिससे ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। लहसुन विक्रेता कुंदन ने लहसुन के भाव में भी मामूली बढ़ोतरी की सूचना दी और आगे कीमत बढ़ने की संभावना जताई। हरी सब्जियों के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन सब्जी विक्रेता रंजीत कुमार ने बताया कि किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीएपी और अन्य खादों के महंगे होने से खेती का खर्च बढ़ गया है। सुभालाल साह ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कीमतों में इस बढ़ोतरी को एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताया है। सीतामढ़ी जिले में चीनी और प्याज की कीमतों में अचानक वृद्धि से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चीनी की कीमत में 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम तक का उछाल आया है, जबकि प्याज भी लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम महंगा हो गया है। किराना दुकानदार बीरेंद्र प्रसाद के अनुसार, पहले चीनी 40-45 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, जो अब बढ़कर लगभग 70 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि थोक बाजार से ही चीनी महंगे दाम पर मिल रही है, जिसके लिए इथेनॉल उत्पादन को एक मुख्य कारण बताया जा रहा है। कस्टमर और दुकानदारों के बीच बहस दुकानदार सुमित कुमार ने बताया कि पिछले 10-15 दिनों में चीनी के दाम में 20 से 25 रुपये तक की वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों के बीच बहस की स्थिति बन रही है। दुकानदार जयप्रकाश ने यह भी जानकारी दी कि चीनी के साथ-साथ सरसों तेल के दाम में भी करीब पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है। प्याज विक्रेता चंद्रदेव के मुताबिक, जो प्याज पहले 40 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, वह अब 50 रुपये में बेचना पड़ रहा है। आगे भी कीमत बढ़ने की संभावना नागेंद्र साह ने बताया कि थोक बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर खुदरा बाजार पर पड़ा है, जिससे ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। लहसुन विक्रेता कुंदन ने लहसुन के भाव में भी मामूली बढ़ोतरी की सूचना दी और आगे कीमत बढ़ने की संभावना जताई। हरी सब्जियों के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन सब्जी विक्रेता रंजीत कुमार ने बताया कि किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीएपी और अन्य खादों के महंगे होने से खेती का खर्च बढ़ गया है। सुभालाल साह ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कीमतों में इस बढ़ोतरी को एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताया है।

