सोशल मीडिया अफवाह पर 2 घंटे में एक्शन लें बिहार में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। बिहार को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। सीएम ने निर्देश दिया कि जिला व थाना स्तर पर आदतन अपराधियों की सूची बनाकर कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर सीसीए लगे। बैठक में डायल 112 के रिस्पांस टाइम को और कम करने, एसटीएफ के आधुनिकीकरण तथा दंगा निरोधी दस्ते के पुनर्गठन के निर्देश दिए गए। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन 1930 के प्रचार, नशीले पदार्थों के कारोबार और अवैध संपत्ति पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सीएम के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह, डीजी कुंदन कृष्णन, जेएस गंगवार और एनके आजाद उपस्थित थे। 6 बड़े फैसले और उनके फायदे
थानावार अपराधियों की लिस्ट व सीसीए: आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी। त्वरित अनुसंधान और ठोस अभियोजन से दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।
फायदा: अपराधियों का स्थानीय नेटवर्क टूटेगा और क्राइम पर लगाम लगेगी।
डायल 112 का रिस्पांस टाइम घटेगा: बिहार में डायल 112 का औसत रिस्पांस टाइम 11 मिनट है (राष्ट्रीय औसत 17 मिनट)। इसे घटाया जाएगा।
फायदा: आपातकाल में त्वरित मदद मिलेगी और पुलिसिंग हाईटेक बनेगी।
सोशल मीडिया पर 2 घंटे में एक्शन: भ्रामक या शांति बिगाड़ने वाली पोस्ट पर डीएम-एसपी को 2 घंटे में एक्शन लेना होगा।
फायदा: अफवाहों पर रोक लगेगी। तनाव की स्थिति टलेगी।
प्रतियोगी परीक्षा में जीरो टॉलरेंस: प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी होंगी। गड़बड़ी करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी।
फायदा: युवाओं का तंत्र पर भरोसा मजबूत होगा।
नशा व अवैध कमाई पर चोट: नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार व अवैध संपत्ति पर कार्रवाई होगी।
फायदा: संगठित अपराध की आर्थिक रीढ़ टूटेगी।
6. महिला पुलिस व सुरक्षा: महिला पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अश्लील गीतों पर रोक लगेगी।
फायदा: महिला पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और सुरक्षा मजबूत होगी। हाईटेक पुलिसिंग का नया रोडमैप
अपराधियों की थानावार मैपिंग और सीसीए से उनका स्थानीय नेटवर्क पूरी तरह टूट जाएगा। 11 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम को और घटाना पुलिसिंग को हाईटेक बनाएगा। सोशल मीडिया पर 2 घंटे की समय-सीमा अफवाहों को रोकने का प्री-एम्प्टिव कदम है। परीक्षा में कड़ाई और महिला पुलिसकर्मियों की सुविधाएं, युवाओं व महिलाओं में भरोसा बढ़ाएंगी। सोशल मीडिया अफवाह पर 2 घंटे में एक्शन लें बिहार में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। बिहार को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। सीएम ने निर्देश दिया कि जिला व थाना स्तर पर आदतन अपराधियों की सूची बनाकर कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर सीसीए लगे। बैठक में डायल 112 के रिस्पांस टाइम को और कम करने, एसटीएफ के आधुनिकीकरण तथा दंगा निरोधी दस्ते के पुनर्गठन के निर्देश दिए गए। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन 1930 के प्रचार, नशीले पदार्थों के कारोबार और अवैध संपत्ति पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सीएम के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह, डीजी कुंदन कृष्णन, जेएस गंगवार और एनके आजाद उपस्थित थे। 6 बड़े फैसले और उनके फायदे
थानावार अपराधियों की लिस्ट व सीसीए: आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी। त्वरित अनुसंधान और ठोस अभियोजन से दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।
फायदा: अपराधियों का स्थानीय नेटवर्क टूटेगा और क्राइम पर लगाम लगेगी।
डायल 112 का रिस्पांस टाइम घटेगा: बिहार में डायल 112 का औसत रिस्पांस टाइम 11 मिनट है (राष्ट्रीय औसत 17 मिनट)। इसे घटाया जाएगा।
फायदा: आपातकाल में त्वरित मदद मिलेगी और पुलिसिंग हाईटेक बनेगी।
सोशल मीडिया पर 2 घंटे में एक्शन: भ्रामक या शांति बिगाड़ने वाली पोस्ट पर डीएम-एसपी को 2 घंटे में एक्शन लेना होगा।
फायदा: अफवाहों पर रोक लगेगी। तनाव की स्थिति टलेगी।
प्रतियोगी परीक्षा में जीरो टॉलरेंस: प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी होंगी। गड़बड़ी करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी।
फायदा: युवाओं का तंत्र पर भरोसा मजबूत होगा।
नशा व अवैध कमाई पर चोट: नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार व अवैध संपत्ति पर कार्रवाई होगी।
फायदा: संगठित अपराध की आर्थिक रीढ़ टूटेगी।
6. महिला पुलिस व सुरक्षा: महिला पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अश्लील गीतों पर रोक लगेगी।
फायदा: महिला पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और सुरक्षा मजबूत होगी। हाईटेक पुलिसिंग का नया रोडमैप
अपराधियों की थानावार मैपिंग और सीसीए से उनका स्थानीय नेटवर्क पूरी तरह टूट जाएगा। 11 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम को और घटाना पुलिसिंग को हाईटेक बनाएगा। सोशल मीडिया पर 2 घंटे की समय-सीमा अफवाहों को रोकने का प्री-एम्प्टिव कदम है। परीक्षा में कड़ाई और महिला पुलिसकर्मियों की सुविधाएं, युवाओं व महिलाओं में भरोसा बढ़ाएंगी।

