सिरसा जिले में एक और ग्राम पंचायत ने भीख मांगने वालों और चंदा लेने वालों की गांव में पूरी तरह से एंट्री पर रोक लगा दी है। हालांकि, लोग अपनी इच्छा से गौशाला या मंदिर में दान कर सकते हैं। इस पर कोई रोक नहीं है। अगर गांव का कोई व्यक्ति किसी धार्मिक संस्था से जुड़ा है, तो वह भी अपनी मर्जी से दान दे सकता है। जानकारी के अनुसार, नाथूसरी चौपटा के गांव बरासरी की ग्राम पंचायत ने ग्राम सभा की बैठक में कई जरूरी फैसले लिए हैं। पंचायत ने इसके लिए एक प्रस्ताव भी तैयार किया है। ग्राम सभा की बैठक में गांव में बाहर से आकर भीख मांगने वालों या चंदा जमा करने वालों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इससे पहले भी कई अन्य पंचायत इस तरह के फैसले ले चुकी है। इसे लेकर ग्राम पंचायत ने एक कमेटी भी बनाई है। इस मौके पर गांव के सरपंच अमर सिंह, सुरेंद्र सिंह, हनुमान, संदीप कुमार, धर्मपाल, पंच सुदेश, संतोष, संजय कुमार और कई दूसरे ग्रामीण मौजूद रहे। इसके चलते बाकी गांव में चर्चाएं तेज हो गई है। वहां की पंचायत भी जल्द फैसला ले सकती है। नशे के खिलाफ ग्रामीण एकजुट ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एकजुट होने का भी फैसला किया। ग्रामीणों की मौजूदगी में तय हुआ कि अगर गांव में कोई नशा बेचता पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके लिए गांव में एक कमेटी भी बनाई जाएगी। यह कमेटी नशा बेचने वालों पर नजर रखेगी। साथ ही, युवाओं को समय-समय पर नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी। इसके लिए गांव में खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

