गुना की रघुवंशी कॉलोनी में रहने वाले एडवोकेट महेश रघुवंशी ने अपनी पैतृक संपत्ति पर कब्जे की कोशिश और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक पत्र जारी कर शिक्षक मनोज भदौरिया पर संपत्ति पर कब्जा कराने और 15 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया। रघुवंशी का दावा है कि मामले में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और दबाव में उनके खिलाफ ही FIR दर्ज करा दी गई। महेश रघुवंशी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक और पूर्व पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के करीबी बताए जाते हैं। शिक्षक पर संपत्ति कब्जाने और धमकी देने के आरोप अपने पत्र में महेश रघुवंशी ने आरोप लगाया कि गुना जिले में कुछ लोग शासकीय सेवा की आड़ में भू-माफिया की तरह काम कर रहे हैं और करोड़ों रुपए की संपत्ति पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने बरखेड़ा गिर्द में पदस्थ जनशिक्षक मनोज भदौरिया पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। रघुवंशी के मुताबिक, मनोज भदौरिया मूल रूप से भिंड जिले के रहने वाले हैं और करीब 15 से 20 साल से गुना जिले में शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उनकी पत्नी भी शिक्षिका हैं। रघुवंशी ने आरोप लगाया कि भदौरिया अधिकारियों और पुलिस प्रशासन पर प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों की पैतृक और स्थायी संपत्तियों पर कब्जा कराने में मदद करते हैं। उन्होंने शासकीय जमीन और सड़क पर भी अवैध कब्जे कराने के आरोप लगाए। 10 और 14 अगस्त को हमले की कोशिश का दावा महेश रघुवंशी ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त 2026 को उन पर हमला करने की कोशिश की गई। इसके बाद 14 अगस्त को पांच लोगों के साथ दो बंदूकधारी उनकी पैतृक संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचे। रघुवंशी का दावा है कि उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को बुलाया, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपी मौके से भाग गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मनोज भदौरिया ने फोन और अन्य माध्यमों से संदेश पहुंचाया कि यदि उन्हें अपनी संपत्ति बचानी है तो RSS के जिला प्रचारक नितिन अग्रवाल को 15 लाख रुपए देने होंगे। रघुवंशी के अनुसार, उन्होंने यह मांग मानने से इनकार कर दिया। पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप रघुवंशी ने पत्र में दावा किया कि शासकीय अधिकारियों की ओर से म्याना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश के बावजूद शिकायत दर्ज नहीं होने दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही है और उनके खिलाफ ही FIR दर्ज करा दी गई। मामले में नितिन अग्रवाल से संपर्क किए जाने पर उन्होंने महेश रघुवंशी के खिलाफ की गई कुछ पुरानी शिकायतों और समाचार पत्रों की कटिंग भेजीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मनोज भदौरिया और अन्य संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

