सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में इस बार किसी भी गठबंधन का एक उम्मीदवार नहीं है। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अलग है, तो राजद का उम्मीदवार अलग है। यहां तक कि एनडीए में भी अलग-अलग प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर गए हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए समर्थित है, लेकिन उन्हीं की पार्टी के रामपुकार सिन्हा चुनावी मैदान में हैं और उन्हें उनकी पार्टी के तीन विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं रामपुकार सिन्हा का दावा है कि उपेंद्र कुशवाहा और दीपक प्रकाश का भी समर्थन और आशीर्वाद उन्हें प्राप्त है। नामांकन के बाद पहली बार मोतिहारी पहुंचे रामपुकार बता दें कि सारण शिक्षक निर्वाचन चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद पहली बार मोतिहारी पहुंचे रामपुकार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं होता है, इसलिए पार्टी की कहीं से कोई बात ही नहीं है। यहां बात शिक्षक के हित की है। पांचों जिले के हर स्कूल में रामपुकार सिन्हा जाकर शिक्षकों से मिलकर उनका दुख-दर्द जान चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य चुनाव जीतने के साथ ही शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान को लागू कराना है और वह इसे करा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्षों से सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। अगर वे चुनाव जीतते हैं तो विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। पांचों जिले के शिक्षकों से है सीधा संपर्क रामपुकार सिन्हा ने कहा कि सारण प्रमंडल के पांचों जिले सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के शिक्षकों से उनका सीधा संपर्क है। वे सभी स्कूलों में जाकर शिक्षकों की समस्याओं को सुन चुके हैं। शिक्षकों की मुख्य समस्या सातवें वेतनमान के साथ-साथ स्थानांतरण, प्रोन्नति और अन्य सेवा शर्तों से जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि इस बार सारण शिक्षक निर्वाचन में महागठबंधन और एनडीए दोनों में बिखराव देखने को मिल रहा है। सभी दल अपने-अपने उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। नामांकन के बाद अब सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क में जुट गए हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में इस बार किसी भी गठबंधन का एक उम्मीदवार नहीं है। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अलग है, तो राजद का उम्मीदवार अलग है। यहां तक कि एनडीए में भी अलग-अलग प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर गए हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए समर्थित है, लेकिन उन्हीं की पार्टी के रामपुकार सिन्हा चुनावी मैदान में हैं और उन्हें उनकी पार्टी के तीन विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं रामपुकार सिन्हा का दावा है कि उपेंद्र कुशवाहा और दीपक प्रकाश का भी समर्थन और आशीर्वाद उन्हें प्राप्त है। नामांकन के बाद पहली बार मोतिहारी पहुंचे रामपुकार बता दें कि सारण शिक्षक निर्वाचन चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद पहली बार मोतिहारी पहुंचे रामपुकार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं होता है, इसलिए पार्टी की कहीं से कोई बात ही नहीं है। यहां बात शिक्षक के हित की है। पांचों जिले के हर स्कूल में रामपुकार सिन्हा जाकर शिक्षकों से मिलकर उनका दुख-दर्द जान चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य चुनाव जीतने के साथ ही शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान को लागू कराना है और वह इसे करा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्षों से सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। अगर वे चुनाव जीतते हैं तो विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। पांचों जिले के शिक्षकों से है सीधा संपर्क रामपुकार सिन्हा ने कहा कि सारण प्रमंडल के पांचों जिले सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के शिक्षकों से उनका सीधा संपर्क है। वे सभी स्कूलों में जाकर शिक्षकों की समस्याओं को सुन चुके हैं। शिक्षकों की मुख्य समस्या सातवें वेतनमान के साथ-साथ स्थानांतरण, प्रोन्नति और अन्य सेवा शर्तों से जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि इस बार सारण शिक्षक निर्वाचन में महागठबंधन और एनडीए दोनों में बिखराव देखने को मिल रहा है। सभी दल अपने-अपने उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। नामांकन के बाद अब सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क में जुट गए हैं।

