एटा साइबर क्राइम पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए निवेश में लाभ का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक आईफोन-16 प्रो मोबाइल फोन और तीन अलग-अलग नामों व विवरण वाले आधार कार्ड बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. श्री इलामारन जी के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सकीट/साइबर नीतीश गर्ग के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मरौंठ थाना क्षेत्र के बाबड़ी शिम्भुपुरा गांव निवासी मनीष पुत्र सूजाराम के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मुकदमा अपराध संख्या 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 49, 317(4), 336, 337, 339, 314 और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विभिन्न राज्यों से फर्जी बैंक खाते खरीदता था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाता था और लोगों को निवेश पर अधिक लाभ का लालच देता था। पीड़ितों को विश्वास में लेने के बाद उनसे रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कराकर साइबर ठगी की जाती थी। पुलिस के अनुसार, ठगी से मिली धनराशि को आरोपी सुरक्षित तरीके से अन्य खातों में ट्रांसफर कर अनुचित आर्थिक लाभ कमाता था। वह अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों और दस्तावेजों का उपयोग करता था। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शम्भूनाथ सिंह, आरक्षी राजा राम और आरक्षी राजेश शामिल थे। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में आगे की जानकारी जुटा रही है।

