सहरसा में राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा देने की मांग को लेकर रविवार को 400 डाटा एंट्री ऑपरेटरों, प्रोग्रामरों और आईटी सहायकों ने पैदल मार्च निकाला। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस मार्च में जिले के अलग-अलग सरकारी विभागों और कार्यालयों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च जिला इकाई की ओर से निकाला गया मार्च अंबेडकर चौक से शुरू हुआ। इसके बाद कर्मचारी शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मार्च का नेतृत्व जिला अध्यक्ष नेहा रंजन और जिला सचिव नारायण पोद्दार ने किया। सरकारी विभागों के डिजिटलीकरण में निभा रहे अहम भूमिका मोर्चा नेताओं ने कहा कि सरकारी विभागों के डिजिटलीकरण और रोजमर्रा के कामकाज में डाटा एंट्री ऑपरेटरों, प्रोग्रामरों और आईटी सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारी वर्षों से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा नहीं मिली है। सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए उठाई आवाज कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग केवल पद और दर्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सुरक्षित भविष्य और सेवा की स्थिरता से जुड़ी है। सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन पैदल मार्च के दौरान कर्मचारियों ने ‘हमारी एकता—हमारा अधिकार, राज्यकर्मी का दर्जा इस बार’ के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में मोर्चा नेताओं ने आंदोलन में शामिल कर्मचारियों का आभार जताया। सहरसा में राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा देने की मांग को लेकर रविवार को 400 डाटा एंट्री ऑपरेटरों, प्रोग्रामरों और आईटी सहायकों ने पैदल मार्च निकाला। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस मार्च में जिले के अलग-अलग सरकारी विभागों और कार्यालयों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च जिला इकाई की ओर से निकाला गया मार्च अंबेडकर चौक से शुरू हुआ। इसके बाद कर्मचारी शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मार्च का नेतृत्व जिला अध्यक्ष नेहा रंजन और जिला सचिव नारायण पोद्दार ने किया। सरकारी विभागों के डिजिटलीकरण में निभा रहे अहम भूमिका मोर्चा नेताओं ने कहा कि सरकारी विभागों के डिजिटलीकरण और रोजमर्रा के कामकाज में डाटा एंट्री ऑपरेटरों, प्रोग्रामरों और आईटी सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारी वर्षों से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा नहीं मिली है। सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए उठाई आवाज कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग केवल पद और दर्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सुरक्षित भविष्य और सेवा की स्थिरता से जुड़ी है। सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन पैदल मार्च के दौरान कर्मचारियों ने ‘हमारी एकता—हमारा अधिकार, राज्यकर्मी का दर्जा इस बार’ के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में मोर्चा नेताओं ने आंदोलन में शामिल कर्मचारियों का आभार जताया।

