Andhra Pradesh News: युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रवक्ता पुथा शिव शंकर ने मीडिया के एक वर्ग (येलो मीडिया) की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे विलेज और वार्ड सचिवालय के कर्मचारियों को मीडिया द्वारा ‘ब्लेड बैच’ और ‘गांजा बैच’ जैसे बेहद अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के नाम पर दलाली करने वाले लोग सरकारी नौकरी पाने वाले योग्य युवाओं का मजाक उड़ा रहे हैं।
कर्मचारियों के लिए यह शर्मनाक
शिव शंकर ने कहा कि सचिवालय में काम करने वाले कई कर्मचारी बी.टेक, एम.टेक और पोस्टग्रेजुएट जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यता रखते हैं। ऐसे युवाओं के लिए इस तरह की घटिया शब्दावली का प्रयोग करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने टीवी स्टूडियो में बैठकर टिप्पणी करने वालों को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या उनमें इतनी हिम्मत है कि वे कर्मचारियों के सामने जाकर यही बात दोहरा सकें। उन्होंने कहा कि क्या सरकार से अपना हक मांगने वाले हर व्यक्ति को ‘गांजा बैच’ कहा जाएगा।
YSRCP की मुख्य मांगें
YSRCP प्रवक्ता ने इस पूरे मामले में सरकार के सामने कुछ मांगें रखी हैं कि सरकारी कर्मचारियों का सार्वजनिक रूप से अपमान करने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही सरकार कर्मचारियों की लंबित और जायज शिकायतों का तुरंत स्थायी समाधान निकाले। इसके अलावा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले कर्मचारियों पर दर्ज किए गए सभी मामलों को बिना शर्त वापस लिया जाए।
दलितों व कमजोर वर्गों के दमन का आरोप
इसी दौरान, YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में महाकवि गुर्राम जाशुआ और क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने दोनों विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आरोप लगाया कि मौजूदा आंध्र प्रदेश गठबंधन सरकार के शासन में दलितों, गरीबों, एससी, बीसी और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार व भेदभाव बढ़ा है।
जगन सरकार से की तुलना
पार्टी के नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में शिक्षा, कल्याण, सामाजिक सम्मान और हाशिए पर पड़े वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई थी। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे महिलाएं और कमजोर वर्ग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

