समस्तीपुर के रोसड़ा थाना क्षेत्र में घर में लूट और सास पर हमला करवाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, टीईटी परीक्षा दे चुकी मनीषा ने ही अपने घर में लूट की साजिश रची थी। उसका मकसद सास को रास्ते से हटाना था। जांच में पति पंकज को भी रास्ते से हटाने की योजना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, सास और पति के हटने के बाद एक कट्ठा जमीन देने की बात भी सुपारी के तौर पर हुई थी। मनीषा टीचर बनने की तैयारी कर रही थी। दरभंगा में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई करती थी। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान उसके संपर्क में शिवम आया। दोनों के बीच बातचीत के बाद घर में लूट और सास को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। 10 सितंबर को शिवम अपने नकाबपोश सहयोगी के साथ मनीषा के ससुराल पहुंचा। उस समय घर में उसकी सास पूनम देवी अकेली थी। बदमाशों ने लूटपाट के दौरान उनके साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों को भेजा जेल रोसड़ा डीएसपी संजय सिन्हा ने बताया कि मनीषा और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में मनीषा ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने लूटे गए गहने, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया है। 11 सितंबर को दर्ज कराई थी शिकायत रोसड़ा एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अखतवारा गांव निवासी रामचंद्र मंडल की पत्नी पूनम देवी ने 11 सितंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पूनम देवी ने बताया था कि 10 सितंबर की रात करीब 10 बजे वह घर में अकेली सो रही थी। तभी दो नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए। जब उनकी नींद खुली और उन्होंने विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वे घर में रखे और उनके पहने हुए गहने लूटकर भाग गए। इस घटना के बाद शिवाजीनगर थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। लूट के बाद जख्मी सास की तस्वीर भेजी पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मिली जानकारी के आधार पर सिसई गांव के संदीप मंडल के बेटे शिवम कुमार को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद शिवम ने जख्मी पूनम देवी और लूट की तस्वीरें व्हाट्सएप पर मनीषा को भेजी। मनीषा के मोबाइल की जांच के दौरान पुलिस को शिवम के साथ हुई बातचीत के कई अहम सुराग मिले। एक मैसेज में पति पंकज को भी रास्ते से हटाने की बात इशारों में सामने आई है। लूटे गए मोबाइल ने खोल दिया राज घटना के दौरान बदमाश पूनम देवी का मोबाइल भी अपने साथ ले गए थे। पुलिस उस मोबाइल को ट्रैक कर रही थी। बाद में शिवम ने उसी मोबाइल में अपनी पत्नी का सिम डालकर उसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। मोबाइल चालू होते ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि मनीषा के कहने पर उसने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने मनीषा को भी गिरफ्तार कर लिया। 12 साल पहले हुई थी शादी, दो बच्चों की मां है मनीषा मनीषा की शादी करीब 12 साल पहले अख्तवारा गांव निवासी पंकज कुमार से हुई थी। उसका मायका दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के मधुबन गांव में है। मनीषा के दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा आठ साल और बेटी छह साल की है। पंकज पहले दरभंगा में एक प्राइवेट बैंक में कैजुअल कर्मी के रूप में काम करता था। बाद में वह झारखंड के जमशेदपुर स्थित एक निजी फैक्ट्री में काम करने लगा। इसके बाद मनीषा कभी जमशेदपुर, कभी ससुराल और कभी मायके में रहती थी। शिक्षक बनने की तैयारी से शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, बिहार में शिक्षकों की बहाली की तैयारी के लिए मनीषा दरभंगा में कमरा लेकर दोनों बच्चों के साथ रहने लगी थी। वह वहीं रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान सास-बहू के बीच विवाद बढ़ने लगा। पुलिस के मुताबिक, मनीषा के दरभंगा स्थित कमरे पर लोगों का आना-जाना उसकी सास को पसंद नहीं था। इसी दौरान शिवम का भी वहां आना-जाना शुरू हुआ। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी कमरे पर सास और पति को रास्ते से हटाने की योजना तैयार की गई थी। घटना के बाद मनीषा का पति पंकज 17 सितंबर को जमशेदपुर से घर पहुंचा था। अब पुलिस मनीषा और उसके सहयोगी के मोबाइल से मिले साक्ष्यों और बातचीत की भी जांच कर रही है। समस्तीपुर के रोसड़ा थाना क्षेत्र में घर में लूट और सास पर हमला करवाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, टीईटी परीक्षा दे चुकी मनीषा ने ही अपने घर में लूट की साजिश रची थी। उसका मकसद सास को रास्ते से हटाना था। जांच में पति पंकज को भी रास्ते से हटाने की योजना सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, सास और पति के हटने के बाद एक कट्ठा जमीन देने की बात भी सुपारी के तौर पर हुई थी। मनीषा टीचर बनने की तैयारी कर रही थी। दरभंगा में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई करती थी। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान उसके संपर्क में शिवम आया। दोनों के बीच बातचीत के बाद घर में लूट और सास को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। 10 सितंबर को शिवम अपने नकाबपोश सहयोगी के साथ मनीषा के ससुराल पहुंचा। उस समय घर में उसकी सास पूनम देवी अकेली थी। बदमाशों ने लूटपाट के दौरान उनके साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों को भेजा जेल रोसड़ा डीएसपी संजय सिन्हा ने बताया कि मनीषा और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में मनीषा ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ने लूटे गए गहने, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया है। 11 सितंबर को दर्ज कराई थी शिकायत रोसड़ा एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अखतवारा गांव निवासी रामचंद्र मंडल की पत्नी पूनम देवी ने 11 सितंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पूनम देवी ने बताया था कि 10 सितंबर की रात करीब 10 बजे वह घर में अकेली सो रही थी। तभी दो नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए। जब उनकी नींद खुली और उन्होंने विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वे घर में रखे और उनके पहने हुए गहने लूटकर भाग गए। इस घटना के बाद शिवाजीनगर थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। लूट के बाद जख्मी सास की तस्वीर भेजी पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मिली जानकारी के आधार पर सिसई गांव के संदीप मंडल के बेटे शिवम कुमार को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद शिवम ने जख्मी पूनम देवी और लूट की तस्वीरें व्हाट्सएप पर मनीषा को भेजी। मनीषा के मोबाइल की जांच के दौरान पुलिस को शिवम के साथ हुई बातचीत के कई अहम सुराग मिले। एक मैसेज में पति पंकज को भी रास्ते से हटाने की बात इशारों में सामने आई है। लूटे गए मोबाइल ने खोल दिया राज घटना के दौरान बदमाश पूनम देवी का मोबाइल भी अपने साथ ले गए थे। पुलिस उस मोबाइल को ट्रैक कर रही थी। बाद में शिवम ने उसी मोबाइल में अपनी पत्नी का सिम डालकर उसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। मोबाइल चालू होते ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि मनीषा के कहने पर उसने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने मनीषा को भी गिरफ्तार कर लिया। 12 साल पहले हुई थी शादी, दो बच्चों की मां है मनीषा मनीषा की शादी करीब 12 साल पहले अख्तवारा गांव निवासी पंकज कुमार से हुई थी। उसका मायका दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के मधुबन गांव में है। मनीषा के दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा आठ साल और बेटी छह साल की है। पंकज पहले दरभंगा में एक प्राइवेट बैंक में कैजुअल कर्मी के रूप में काम करता था। बाद में वह झारखंड के जमशेदपुर स्थित एक निजी फैक्ट्री में काम करने लगा। इसके बाद मनीषा कभी जमशेदपुर, कभी ससुराल और कभी मायके में रहती थी। शिक्षक बनने की तैयारी से शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, बिहार में शिक्षकों की बहाली की तैयारी के लिए मनीषा दरभंगा में कमरा लेकर दोनों बच्चों के साथ रहने लगी थी। वह वहीं रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान सास-बहू के बीच विवाद बढ़ने लगा। पुलिस के मुताबिक, मनीषा के दरभंगा स्थित कमरे पर लोगों का आना-जाना उसकी सास को पसंद नहीं था। इसी दौरान शिवम का भी वहां आना-जाना शुरू हुआ। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी कमरे पर सास और पति को रास्ते से हटाने की योजना तैयार की गई थी। घटना के बाद मनीषा का पति पंकज 17 सितंबर को जमशेदपुर से घर पहुंचा था। अब पुलिस मनीषा और उसके सहयोगी के मोबाइल से मिले साक्ष्यों और बातचीत की भी जांच कर रही है।

