समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड की चैता पंचायत में ‘राम जी योजना’ के तहत मनरेगा कार्य में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। गांव के संजीत कुमार पांडेय की शिकायत पर हुई जांच में स्कूल में कार्यरत रसोइया और आशा कार्यकर्ता को मनरेगा मजदूर दिखाकर भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित आयुक्त ने डीसी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। हालांकि आदेश जारी हुए 10 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ता नाराज हैं। स्कूल में काम करने के दौरान मनरेगा मजदूर दिखाया शिकायतकर्ता के अनुसार चैता गांव की इंदु देवी स्कूल में रसोइया के पद पर कार्यरत हैं। उनका मनरेगा जॉब कार्ड नंबर 5850 बताया गया है। रिकॉर्ड में जनवरी 2026 से फरवरी 2026 के बीच उनके द्वारा 26 दिन मनरेगा कार्य किए जाने की बात दर्ज है। इसके आधार पर उन्हें करीब 6,500 रुपए का भुगतान भी किया गया। शिकायत के बाद हुई जांच में स्कूल के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें संबंधित अवधि में इंदु देवी के स्कूल में रसोइया के रूप में कार्यरत होने की बात सामने आई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्कूल में कार्यरत रहने के दौरान उनके नाम पर मनरेगा कार्य कैसे दर्ज किया गया और भुगतान किस आधार पर किया गया। आशा कार्यकर्ता के नाम पर भी हुआ भुगतान इसी पंचायत की प्रमिला कुमारी आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं। शिकायत के अनुसार उनके नाम पर भी मनरेगा कार्य किए जाने का रिकॉर्ड तैयार कर करीब 5,500 रुपए का भुगतान किया गया। जांच के दौरान उनके आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करने की जानकारी सामने आई। समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड की चैता पंचायत में ‘राम जी योजना’ के तहत मनरेगा कार्य में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। गांव के संजीत कुमार पांडेय की शिकायत पर हुई जांच में स्कूल में कार्यरत रसोइया और आशा कार्यकर्ता को मनरेगा मजदूर दिखाकर भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित आयुक्त ने डीसी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। हालांकि आदेश जारी हुए 10 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ता नाराज हैं। स्कूल में काम करने के दौरान मनरेगा मजदूर दिखाया शिकायतकर्ता के अनुसार चैता गांव की इंदु देवी स्कूल में रसोइया के पद पर कार्यरत हैं। उनका मनरेगा जॉब कार्ड नंबर 5850 बताया गया है। रिकॉर्ड में जनवरी 2026 से फरवरी 2026 के बीच उनके द्वारा 26 दिन मनरेगा कार्य किए जाने की बात दर्ज है। इसके आधार पर उन्हें करीब 6,500 रुपए का भुगतान भी किया गया। शिकायत के बाद हुई जांच में स्कूल के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें संबंधित अवधि में इंदु देवी के स्कूल में रसोइया के रूप में कार्यरत होने की बात सामने आई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्कूल में कार्यरत रहने के दौरान उनके नाम पर मनरेगा कार्य कैसे दर्ज किया गया और भुगतान किस आधार पर किया गया। आशा कार्यकर्ता के नाम पर भी हुआ भुगतान इसी पंचायत की प्रमिला कुमारी आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं। शिकायत के अनुसार उनके नाम पर भी मनरेगा कार्य किए जाने का रिकॉर्ड तैयार कर करीब 5,500 रुपए का भुगतान किया गया। जांच के दौरान उनके आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करने की जानकारी सामने आई।

