अपराधियों को सजा दिलाने के लिए बिहार पुलिस ने अपना पुराना पैटर्न बदल दिया है। अब कांडों के बजाय अपराधियों को फोकस कर स्पीडी ट्रायल के लिए पुलिस कोर्ट से अनुशंसा करेगी। इससे कुख्यात अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में कामयाबी मिलेगी। समस्तीपुर जिले में ऐसे 12 से अधिक अपराधियों की सूची तैयार की गई है, जो समाज के लिए खतरा बन गए हैं। बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) डॉ. कमल किशोर सिंह ने गुरुवार को समस्तीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कही। एडीजीपी ने कहा कि उन्होंने जिले के एसपी और तमाम डीएसपी के साथ लंबित कांडों के अलावा विधि-व्यवस्था, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान अनुसंधान की प्रगति अच्छी पाई गई। बैठक में स्पीडी ट्रायल के पैटर्न में बदलाव को लेकर भी समीक्षा की गई और अपराधियों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस सूची में कौन-कौन से अपराधी शामिल हैं, यह गोपनीय है। हालांकि, उन्होंने बताया कि इनकी संख्या दर्जनभर से अधिक है। ऐसे अपराधियों को प्राथमिकता के आधार पर सजा दिलाने की दिशा में पुलिस की टीम काम करेगी। पांच शराब कारोबारियों की संपत्ति जब्त करने के लिए भेजा गया प्रस्ताव एडीजीपी ने कहा कि जिले में शराब कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस की टीम लगातार काम कर रही है। जिले के पांच शराब कारोबारियों को चिन्हित कर उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए जिला स्तर से पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय की मंजूरी मिलने के बाद ऐसे शराब कारोबारियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान दरभंगा परिक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ ही जिले के सभी डीएसपी मौजूद थे। जिला पुलिस लाइन का भी किया निरीक्षण बाद में एडीजीपी दूधपुरा स्थित जिला पुलिस लाइन भी पहुंचे। वहां उन्होंने शस्त्रागार का निरीक्षण किया और शस्त्रों से जुड़ी संचिकाओं की जांच की। पुलिस वाहनों और भवनों आदि को लेकर भी समीक्षा की तथा एसपी को आवश्यक निर्देश दिए। इससे पूर्व एडीजीपी के समस्तीपुर पहुंचने पर उन्हें परिसदन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए बिहार पुलिस ने अपना पुराना पैटर्न बदल दिया है। अब कांडों के बजाय अपराधियों को फोकस कर स्पीडी ट्रायल के लिए पुलिस कोर्ट से अनुशंसा करेगी। इससे कुख्यात अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में कामयाबी मिलेगी। समस्तीपुर जिले में ऐसे 12 से अधिक अपराधियों की सूची तैयार की गई है, जो समाज के लिए खतरा बन गए हैं। बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) डॉ. कमल किशोर सिंह ने गुरुवार को समस्तीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कही। एडीजीपी ने कहा कि उन्होंने जिले के एसपी और तमाम डीएसपी के साथ लंबित कांडों के अलावा विधि-व्यवस्था, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान अनुसंधान की प्रगति अच्छी पाई गई। बैठक में स्पीडी ट्रायल के पैटर्न में बदलाव को लेकर भी समीक्षा की गई और अपराधियों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस सूची में कौन-कौन से अपराधी शामिल हैं, यह गोपनीय है। हालांकि, उन्होंने बताया कि इनकी संख्या दर्जनभर से अधिक है। ऐसे अपराधियों को प्राथमिकता के आधार पर सजा दिलाने की दिशा में पुलिस की टीम काम करेगी। पांच शराब कारोबारियों की संपत्ति जब्त करने के लिए भेजा गया प्रस्ताव एडीजीपी ने कहा कि जिले में शराब कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस की टीम लगातार काम कर रही है। जिले के पांच शराब कारोबारियों को चिन्हित कर उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए जिला स्तर से पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय की मंजूरी मिलने के बाद ऐसे शराब कारोबारियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान दरभंगा परिक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ ही जिले के सभी डीएसपी मौजूद थे। जिला पुलिस लाइन का भी किया निरीक्षण बाद में एडीजीपी दूधपुरा स्थित जिला पुलिस लाइन भी पहुंचे। वहां उन्होंने शस्त्रागार का निरीक्षण किया और शस्त्रों से जुड़ी संचिकाओं की जांच की। पुलिस वाहनों और भवनों आदि को लेकर भी समीक्षा की तथा एसपी को आवश्यक निर्देश दिए। इससे पूर्व एडीजीपी के समस्तीपुर पहुंचने पर उन्हें परिसदन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।


