बंगाल भाजपा अध्यक्ष की गाड़ी तोड़ने का मामला, 6 साल पुराना केस फिर खुला, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक और नई शिकायत

बंगाल भाजपा अध्यक्ष की गाड़ी तोड़ने का मामला, 6 साल पुराना केस फिर खुला, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक और नई शिकायत

डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी समेत 79 लोगों के खिलाफ 2020 हमले की नई शिकायत दर्ज कराई गई है। बीजेपी नेता बोबी दास ने समिक भट्टाचार्य की कार पर हमले का पुराना मामला फिर उठाया है। 

डायमंड हार्बर में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले का केस फिर से खुल गया है। करीब छह साल पहले की घटना को लेकर गुरुवार को पुलिस स्टेशन में नई शिकायत दर्ज कराई गई।

इस शिकायत में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कुल 79 लोगों के नाम लिखे गए हैं। बीजेपी नेता अभिजीत दास उर्फ बोबी ने डायमंड हार्बर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

6 अक्टूबर, 2020 की घटना फिर ताजा

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 6 अक्टूबर 2020 को दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में बीजेपी के कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ था। उस समय पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की कार पर हमला किया गया और उसे तोड़फोड़ का शिकार बनाया गया।

इस घटना में कई बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक घायल भी हुए थे। अभिजीत दास ने शिकायत में कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक झगड़ा नहीं था। उन्होंने मांग की है कि इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी, इसकी भी जांच हो।

शिकायत में क्या कहा गया?

शिकायत में अभिषेक बनर्जी के साथ उनके कार्यकारी सहायक सुमित रॉय का भी नाम शामिल है। घटना के तुरंत बाद पुलिस जांच शुरू हुई थी, लेकिन आरोप है कि सही दिशा में काम नहीं बढ़ा। राजनीतिक प्रभाव के कारण आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिला। इसलिए अब नई शिकायत दर्ज कराई गई है। अभिजीत दास ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना किसी दबाव के जांच हो और जिनके नाम शिकायत में हैं, उनकी भूमिका साफ की जाए। अगर आरोप सही पाए गए तो कानून के मुताबिक कार्रवाई हो।

यह पहली शिकायत नहीं

हालांकि, यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ डायमंड हार्बर में कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। खासकर उनके मेडिकल कैंप सेवाश्रय को लेकर भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे।

स्थानीय स्तर पर इस नई शिकायत से राजनीतिक माहौल फिर गरम हो सकता है। बीजेपी इसे पुराने अन्याय का मुद्दा बना रही है, जबकि तृणमूल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद अब पुलिस जांच फिर से शुरू करेगी।

  

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