आगरा में समाजवादी पार्टी का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले आगरा पुलिस ने सपा सांसद रामजीलाल सुमन को हाउस अरेस्ट कर लिया। सांसद की पुलिस से तकरार और धक्का-मुक्की भी हुई। बैरियर लगाकर सांसद को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सांसद दूसरे रास्ते से आगे तक निकल आए। उन्होंने चुनाव आयोग को मोदी आयोग कहते हुए कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे़ किए।
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे सपा सांसद अपने समर्थकों को साथ कलेक्ट्रेट जाने के लिए घर से निकले। मगर, पुलिस ने पहले से उनके घर के बाहर बेरिकेडिंग कर रखी थी। जब सांसद आगे बढे़ तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। सांसद ने जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की। समर्थकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने सबको रोक दिया। ऐसे में सांसद दूसरे गेट से निकलने का प्रयास करने लगे। मगर, पुलिस ने उन्हें वहां पर भी रोक दिया। इसके बाद सांसद सुमन दूसरे रास्ते से बैरिकेडिंग से आगे निकल गए। पुलिस ने उनको रोकने के लिए घेरा बना लिया। काफी देर तक तकरार होती रही। इसके बाद पुलिस उन्हें कॉलोनी के पार्क में ले गई। एसीपी साहब मुझे लाइन भेज दो
सांसद सुमन ने पुलिस से कहाकि उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दें या फिर जाने दें। सांसद ने एसीपी हरीपर्वत से कहाकि आपकी नई सर्विस है मुझे लाइन भेज दो आपके लिए अच्छा होगा। हालांकि बाद में पुलिस ने पार्क में ही सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह से ज्ञापन ले लिया। चुनाव आयोग नहीं मोदी आयोग
सपा सांसद ने कहाकि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली और आचरण के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहा है। ज्ञानेश कुमार भाजपा का अंग बनकर काम कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि ये चुनाव आयोग नहीं बल्कि मोदी आयोग है। उनके दो सहयोगियों ने भी उन पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहाकि उनकी आपत्तियों को नजर अंदाज किया जाता था, वो एक तरफा निर्णय लेते थे। ये बेहद गंभीर मामला है। लोकतंत्र के साथ मजाक है।

