सदर अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज बढ़े:मौसम बदलने और उमस से संख्या 300 पार, बच्चों-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

सदर अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज बढ़े:मौसम बदलने और उमस से संख्या 300 पार, बच्चों-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

गोपालगंज सदर अस्पताल में मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव और उमस भरी गर्मी के कारण मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। वायरल इंफेक्शन तेजी से फैलने के कारण सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह भरा हुआ है। अब 300 से ज्यादा आ रहे मरीज कई बार नए मरीजों को बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर रणधीर कुमार ने लोगों को घबराने की बजाय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वायरल फीवर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी हुई है। पहले जहां 200-250 मरीज आते थे, अब 300 से ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बासी और बाहर का खुला खाना खाने से पूरी तरह बचने को कहा। हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन लेने की सलाह दी। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील मौसम बदलने के समय पानी से होने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पानी को उबालकर या सही तरीके से फिल्टर करके ही पीएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। धूप या गर्मी से तुरंत आकर फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं और न ही सीधे एसी या पंखे के ठीक नीचे बैठें। शरीर के तापमान में अचानक बदलाव से वायरल फीवर का खतरा बढ़ता है। डेंगू और मलेरिया के सीजन को देखते हुए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। बुखार या बदन दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या कोई भी मनमानी दवा न खरीदें। लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें। गोपालगंज सदर अस्पताल में मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव और उमस भरी गर्मी के कारण मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज वायरल फीवर, सर्दी, खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। वायरल इंफेक्शन तेजी से फैलने के कारण सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह भरा हुआ है। अब 300 से ज्यादा आ रहे मरीज कई बार नए मरीजों को बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर रणधीर कुमार ने लोगों को घबराने की बजाय कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वायरल फीवर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी हुई है। पहले जहां 200-250 मरीज आते थे, अब 300 से ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बासी और बाहर का खुला खाना खाने से पूरी तरह बचने को कहा। हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन लेने की सलाह दी। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील मौसम बदलने के समय पानी से होने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पानी को उबालकर या सही तरीके से फिल्टर करके ही पीएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। धूप या गर्मी से तुरंत आकर फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं और न ही सीधे एसी या पंखे के ठीक नीचे बैठें। शरीर के तापमान में अचानक बदलाव से वायरल फीवर का खतरा बढ़ता है। डेंगू और मलेरिया के सीजन को देखते हुए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। बुखार या बदन दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या कोई भी मनमानी दवा न खरीदें। लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।  

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