सतना जिले के कोटर तहसील अंतर्गत मोहनिया उपस्वास्थ्य केंद्र पिछले 10 दिनों से बंद है। मोहनिया, बूड़ा और अधरवार सहित पांच गांवों के ग्रामीण प्राथमिक उपचार के लिए परेशान हो रहे हैं। स्टाफ के तबादले के बाद नई पदस्थापना न होने से केंद्र में ताला लगा हुआ है। केंद्र बंद होने के कारण मरीजों को छोटी बीमारियों के लिए भी कोटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण सहित अन्य कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में कई लोग गांव के झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, उपस्वास्थ्य केंद्र खुला रहने पर यहां प्रतिदिन 20 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते थे। बारिश के मौसम में केंद्र बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। केंद्र के बाहर जलभराव की स्थिति भी बनी रहती है। एएनएम का 15 जून को हुआ ट्रांसफर
मोहनिया उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम ज्योति पंचेश्वर का तबादला 15 जून को शिवनी हो गया था। वहीं, सीएचओ प्रियंका पटेल का स्थानांतरण उचेहरा किया गया। सीएचओ को 9 अगस्त को मोहनिया से रिलीव कर दिया गया। केंद्र पूरी तरह बंद हो गया
खास बात यह है कि नई पदस्थापना किए बिना ही सीएचओ को रिलीव कर दिया गया, जिसके बाद केंद्र पूरी तरह बंद हो गया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द कर्मचारी पदस्थ करने की मांग की है। रामपुर बाघेलान के बीएमओ डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि दोनों कर्मचारियों का तबादला हो गया है। फिलहाल रूटीन टीकाकरण के लिए दूसरी एएनएम की ड्यूटी लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की नई पोस्टिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा हुई है और जल्द ही नई पदस्थापना की जाएगी।

