यमन के हूती विद्रोहियों को सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर हमले करने में रूस की मदद मिलने का दावा किया गया है। एक जांच के मुताबिक, रूसी सैन्य सैटेलाइट हमलों से पहले निशाने वाले इलाकों की निगरानी कर रहे थे। सितंबर में सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन के तीन पंपिंग स्टेशनों पर हुए हमलों के बाद यह मामला चर्चा में आया है। जांच में जुलाई से अक्टूबर के बीच सऊदी अरब पर हुए 40 मिसाइल और ड्रोन हमलों का विश्लेषण किया गया। हालांकि, रूस ने इन निष्कर्षों पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
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