संभल में 30 घंटे से लगातार बारिश, सड़कों पर जलभराव:25 MM बारिश, 20 डिग्री पारा, AQI 139 पहुंचा, धान-ईख को नुकसान

संभल में 30 घंटे से लगातार बारिश, सड़कों पर जलभराव:25 MM बारिश, 20 डिग्री पारा, AQI 139 पहुंचा, धान-ईख को नुकसान

संभल में पिछले 30 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गर्मी से लोगों को राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। दो दिन में न्यूनतम तापमान में करीब 14 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सुबह 9 बजे पूरे जिले का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम AQI 86 और अधिकतम 139 दर्ज किया गया। गुन्नौर में पूरी रात बारिश होती रही और सुबह रिमझिम बारिश जारी रही। जिला मुख्यालय बहजोई और चंदौसी में भी यही हाल रहा। लगातार बारिश से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया है। इससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हुई है।
गुन्नौर में रातभर बारिश, बहजोई-चंदौसी में भी रिमझिम गंगा किनारे की तहसील गुन्नौर में रविवार सुबह तक बारिश का दौर जारी रहा। रातभर तेज बारिश के बाद सुबह रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं। बहजोई और चंदौसी में भी सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग ने रविवार को हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिन के तापमान में एक डिग्री तक बढ़ोतरी या दो डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। नगर पंचायत बबराला में रात की तेज बारिश के दौरान एक गाड़ी बिजली के पोल से टकरा गई। हादसे के बाद इलाके में करीब 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बारिश के कारण लोग घरों में ही थे, ऐसे में बिजली गुल होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें भी प्रभावित हुईं।
जलभराव से सड़कों पर निकलना मुश्किल 30 घंटे से जारी बारिश के कारण शहर और कस्बों की कई सड़कों पर जलभराव हो गया है। लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं लगातार पानी गिरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं के कारण मौसम में ठिठुरन भी बढ़ गई है। धान की फसल को ज्यादा नुकसान संभल तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा धान की खेती होती है, जबकि गुन्नौर इलाके में ईख की खेती प्रमुख है। लगातार बारिश से दोनों फसलों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन धान की फसल पर ज्यादा असर बताया जा रहा है। किसानों को एक बीघा में 5 से 6 क्विंटल धान निकलने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश के कारण अब करीब 3 क्विंटल उपज ही मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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