जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद नरेश मीणा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। नरेश मीणा शनिवार रात हिंडोली विधानसभा क्षेत्र के रोशनदा गांव में आयोजित तेजाजी महाराज के मेले में पहुंचे। यहां उन्होंने आगामी पंचायती राज चुनाव में अपने समर्थित प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- बूंदी और बारां जिले में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में भी हमारे समर्थित प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे। रोशनदा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
पंचायत स्तर पर तीसरा विकल्प खड़ा करने की बात नरेश मीणा ने कहा- मेरा प्रयास पंचायत स्तर पर ऐसा राजनीतिक विकल्प खड़ा करने का है, जो गरीब, किसान और आम लोगों की आवाज उठाए। मैं लंबे समय से किसानों, गरीबों और पीड़ितों के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहा हूं। आगे भी जनता के बीच रहकर काम करेंगे। उन्होंने समरावता प्रकरण, पीपलोदी हादसे और जेल में बिताए समय का जिक्र करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद उनका संघर्ष जारी रहेगा। अपने संबोधन में नरेश मीणा ने कहा कि राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए मुझे बार-बार जेल भेजा गया। इसके साथ ही उन्होंने हाड़ौती क्षेत्र के संसाधनों और बनास नदी में बजरी खनन का मुद्दा भी उठाया। बूंदी-बारां पर फोकस, भीड़ से मांगा समर्थन रोशनदा के कार्यक्रम में नरेश मीणा ने साफ संकेत दिया कि उनका फोकस अब बूंदी और बारां के ग्रामीण इलाकों पर है। उन्होंने पंचायत समिति से लेकर जिला परिषद तक चुनाव में अपने समर्थित लोगों को उतारने की बात कही। इसके लिए उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से सीधे समर्थन मांगा। जेल से बाहर आते ही फिर चुनावी सक्रियता नरेश मीणा की पंचायत चुनाव को लेकर घोषणा ऐसे समय हुई है, जब वे हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आए हैं। इसके बाद अब उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुंचना शुरू कर दिया है। ऐसे में अब नरेश मीणा के सामने सबसे बड़ी चुनौती बूंदी और बारां के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने समर्थित प्रत्याशियों का नेटवर्क खड़ा करने की होगी।

