एपल के नए सीईओ जॉन टर्नस डिजाइन की खूबसूरती के साथ हार्डवेयर पर यकीन करते हैं। वे मानते हैं टेक्नोलॉजी से अलग हटकर दूसरी चीजों का भी महत्व है। टर्नस को हाल ही में टाइम मैगजीन के बेस्ट इन्वेंशन ऑफ 2026 के संस्करण के कवर पर जगह मिली है। सितंबर में एपल के बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल फोन की लॉन्चिंग के दौरान जॉन टर्नस के हाथ कांप रहे थे। कार्यक्रम का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण हो रहा था और कई लोगों ने इस पर ध्यान दिया। बाद में टर्नस ने बताया कि वे इतने उत्साहित थे कि रातभर सो नहीं पाए। इससे अपने प्रोडक्ट के प्रति उनका लगाव जाहिर होता है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले टर्नस ने एपल में 25 साल से ज्यादा समय तक काम किया है। इस दौरान उन्होंने आईफोन, मैक, आईपैड और एयरपॉड्स जैसे प्रोडक्ट को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई। आईपैड की हर पीढ़ी और पहली पीढ़ी के एयरपॉड्स के हार्डवेयर विकास में वे शामिल रहे। मैक कंप्यूटर में इंटेल के प्रोसेसर की जगह एपल के अपने चिप लगाने के बदलाव में भी उन्होंने योगदान दिया। उनके काम में प्रोडक्ट को मजबूत और टिकाऊ बनाना और उनकी मरम्मत आसान करना भी शामिल रहा है। टर्नस से पहले एपल के सीईओ रहे टिम कुक और स्टीव जॉब्स की भूमिका अलग थी। कुक ने कंपनी के कारोबार को बढ़ाने, दुनिया भर में प्रोडक्ट पहुंचाने और सामान बनाने व सप्लाई करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया। उनसे पहले स्टीव जॉब्स नए प्रोडक्ट की सोच, उनके डिजाइन और लोगों के इस्तेमाल के अनुभव पर ध्यान देते थे। आईफोन, आईपैड और आईपॉड जैसे प्रोडक्ट को दुनिया के सामने लाने में उनकी अहम भूमिका रही। टर्नस की खासियत यह है कि वे प्रोडक्ट के अंदरूनी हिस्सों, उसकी बनावट और काम करने के तरीके पर ध्यान देते हैं। वे यह सुनिश्चित करने में जुटे रहे कि प्रोडक्ट अच्छी तरह काम करें और लोगों के लिए उपयोगी हों। टर्नस का जन्म 1975 में हुआ था। आठ साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें एपल-2 कंप्यूटर दिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्चुअल रियलिटी से जुड़ी एक कंपनी में काम किया। 2001 में वे एपल की प्रोडक्ट डिजाइन टीम में इंजीनियर बने। 2013 में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट और 2021 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने। इस दौरान कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में उनकी जिम्मेदारी बढ़ती गई। एपल के प्रोडक्ट डिजाइन वाइस प्रेसिडेंट रिचर्ड डिन्ह के अनुसार, कंपनी की अलग-अलग टीमों के बीच तालमेल बढ़ाने में टर्नस की अहम भूमिका रही है। अब उनके सामने एआई के क्षेत्र में एपल को आगे बढ़ाने की चुनौती है। दूसरी बड़ी टेक कंपनियां एआई पर तेजी से काम कर रही हैं, जबकि एपल की प्रगति पर सवाल उठे हैं। टर्नस का कहना है कि हम ऐसी एआई सुविधाओं पर काम कर रही है, जिनमें यूजर की निजी जानकारी सुरक्षित रहे। फिलहाल टर्नस डिजाइन स्टूडियो और यूजर्स से जुड़ी टीमों के साथ समय बिताते हैं।
संडे प्रोफाइल : जॉन टर्नस:टर्नस के सामने एपल को एआई में आगे ले जाने की चुनौती

