श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति को लेकर संतश्री ने भरी हुंकार:श्रावण के बाद मथुरा चलने का आह्वान, बोले- सनातन समाज को संगठित होकर आगे आना होगा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति को लेकर संतश्री ने भरी हुंकार:श्रावण के बाद मथुरा चलने का आह्वान, बोले- सनातन समाज को संगठित होकर आगे आना होगा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने की मांग को लेकर बिहिया में संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने सनातनी समाज और हिंदू संगठनों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की तरह मथुरा और काशी में भी भगवान के जन्मस्थल एवं धार्मिक स्थलों की मुक्ति के लिए सनातन समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल, शिवसेना, कारसेवकों, श्री रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट समेत तमाम हिंदू संगठनों से अपील करते हुए कहा कि श्रावण माह के बाद मथुरा चलने की तैयारी करें। इस अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाएं। संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने बिहिया चौरास्ता स्थित जीओ पेट्रोल पंप के पीछे पूरब टोला दोघरा में प्रेस वार्ता के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय महायोगी ब्रह्मलीन श्रीदेवराहा बाबाजी महाराज के शिष्य होने के नाते सनातन समाज से इस दिशा में आगे आने की अपील कर रहे हैं। जब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक सनातनी समाज को शांत नहीं बैठना चाहिए। 2024 में अयोध्या में कही थी मथुरा-काशी की मुक्ति की बात संतश्री ने कहा कि उन्होंने 7 सितंबर 2024 को अयोध्या और 9 सितंबर 2024 को श्रीदेवराहा धाम सिअरुआ में भी मथुरा और काशी को लेकर अपनी बात रखी थी। दावा किया कि उस समय उन्होंने कहा था कि जिस तरह अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह मथुरा और काशी में भी भगवान के धार्मिक स्थलों को लेकर सनातन समाज की भावनाओं को सम्मान मिलेगा। अब वह समय आ रहा है जब सभी सनातनियों को एकजुट होकर अपनी मांग को लेकर आगे बढ़ना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, कारसेवक, शिवसेना सहित सभी हिंदू संगठन उनके लिए आत्मा के समान हैं और उनका सभी पर आशीर्वाद है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को लेकर बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट ने भी किया समर्थन प्रेस वार्ता में श्री रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट के महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया ने भी सनातन समाज से इस अभियान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी माताएं, बहनें और भाई इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि सभी को एकजुट होकर भगवान श्रीकृष्ण को उनके गर्भगृह में विराजमान कराने के उद्देश्य से आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, राजेश्वर पासवान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के समापन के बाद वे कारसेवक के रूप में अपने सद्गुरु संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद सनातनी समाज के लोगों के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा जाने की तैयारी की जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान संतश्री ने हिंदू संगठनों और सनातन समाज के लोगों से आपसी एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर विभिन्न स्थानों पर बैठकें कर लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने की मांग को लेकर बिहिया में संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने सनातनी समाज और हिंदू संगठनों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की तरह मथुरा और काशी में भी भगवान के जन्मस्थल एवं धार्मिक स्थलों की मुक्ति के लिए सनातन समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल, शिवसेना, कारसेवकों, श्री रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट समेत तमाम हिंदू संगठनों से अपील करते हुए कहा कि श्रावण माह के बाद मथुरा चलने की तैयारी करें। इस अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाएं। संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने बिहिया चौरास्ता स्थित जीओ पेट्रोल पंप के पीछे पूरब टोला दोघरा में प्रेस वार्ता के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय महायोगी ब्रह्मलीन श्रीदेवराहा बाबाजी महाराज के शिष्य होने के नाते सनातन समाज से इस दिशा में आगे आने की अपील कर रहे हैं। जब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक सनातनी समाज को शांत नहीं बैठना चाहिए। 2024 में अयोध्या में कही थी मथुरा-काशी की मुक्ति की बात संतश्री ने कहा कि उन्होंने 7 सितंबर 2024 को अयोध्या और 9 सितंबर 2024 को श्रीदेवराहा धाम सिअरुआ में भी मथुरा और काशी को लेकर अपनी बात रखी थी। दावा किया कि उस समय उन्होंने कहा था कि जिस तरह अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह मथुरा और काशी में भी भगवान के धार्मिक स्थलों को लेकर सनातन समाज की भावनाओं को सम्मान मिलेगा। अब वह समय आ रहा है जब सभी सनातनियों को एकजुट होकर अपनी मांग को लेकर आगे बढ़ना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, कारसेवक, शिवसेना सहित सभी हिंदू संगठन उनके लिए आत्मा के समान हैं और उनका सभी पर आशीर्वाद है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को लेकर बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट ने भी किया समर्थन प्रेस वार्ता में श्री रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट के महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया ने भी सनातन समाज से इस अभियान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी माताएं, बहनें और भाई इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि सभी को एकजुट होकर भगवान श्रीकृष्ण को उनके गर्भगृह में विराजमान कराने के उद्देश्य से आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, राजेश्वर पासवान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के समापन के बाद वे कारसेवक के रूप में अपने सद्गुरु संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद सनातनी समाज के लोगों के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा जाने की तैयारी की जाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान संतश्री ने हिंदू संगठनों और सनातन समाज के लोगों से आपसी एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर विभिन्न स्थानों पर बैठकें कर लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।  

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