शेखपुरा जिले में शनिवार को 5 से 6 साल के 8,613 आंगनबाड़ी बच्चों को नजदीकी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के मन से स्कूल के माहौल का डर और झिझक दूर करना था। कक्षाएं, खेल का मैदान और शैक्षणिक गतिविधियां दिखाईं बच्चों को आगामी सत्र में पहली कक्षा में दाखिले से पहले स्कूल की कार्यप्रणाली, कक्षाएं, खेल का मैदान और शैक्षणिक गतिविधियां दिखाई गईं। इससे उन्हें स्कूल के माहौल से परिचित कराने की कोशिश की गई। आंगनबाड़ी यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचे बच्चे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जिले के अलग-अलग संकुलों और पंचायतों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चे अपनी आंगनबाड़ी यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचे। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बच्चों का स्वागत किया। शिक्षकों ने उन्हें कक्षाओं में बैठाया और बातचीत की। भ्रमण में महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं और स्कूल के शिक्षक भी शामिल हुए। शेखपुरा जिले में शनिवार को 5 से 6 साल के 8,613 आंगनबाड़ी बच्चों को नजदीकी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के मन से स्कूल के माहौल का डर और झिझक दूर करना था। कक्षाएं, खेल का मैदान और शैक्षणिक गतिविधियां दिखाईं बच्चों को आगामी सत्र में पहली कक्षा में दाखिले से पहले स्कूल की कार्यप्रणाली, कक्षाएं, खेल का मैदान और शैक्षणिक गतिविधियां दिखाई गईं। इससे उन्हें स्कूल के माहौल से परिचित कराने की कोशिश की गई। आंगनबाड़ी यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचे बच्चे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जिले के अलग-अलग संकुलों और पंचायतों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चे अपनी आंगनबाड़ी यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचे। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बच्चों का स्वागत किया। शिक्षकों ने उन्हें कक्षाओं में बैठाया और बातचीत की। भ्रमण में महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं और स्कूल के शिक्षक भी शामिल हुए।

