शेखपुरा के बरबीघा में डकैती के दौरान हर्ष राज की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आयुष कुमार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सिविल कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। आयुष को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से न्यायालय में पेश किया गया, जहां खुले न्यायालय में सजा सुनाई गई। डकैती के दौरान हथौड़े से वार कर की गई थी हत्या लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा और अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि घटना 19 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि की है। बदमाशों ने बरबीघा प्रखंड के मिशन थाना क्षेत्र स्थित न्यू एरिया मोहल्ले में एक घर में डकैती के दौरान हथौड़े से वार कर हर्ष राज की हत्या कर दी थी। हर्ष राज शिक्षिका राधिका देवी का बेटा था। पांच आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद अभियोजन पक्ष के अनुसार, तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने इस मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था। सात जुलाई 2022 को दोषसिद्धि के बाद 14 जुलाई 2022 को नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव निवासी विक्रम कुमार और गौतम कुमार, सुभानपुर गांव निवासी अमन कुमार, नतीनपुर गांव निवासी तिजेंद्र कुमार और कृष्णपुरी निवासी रोहित कुमार बिल्ला को भारतीय दंड विधान की धारा 396 समेत अन्य धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 12 अक्टूबर को दोषी करार, अब सुनाई गई सजा लोक अभियोजकों ने बताया कि आयुष कुमार के खिलाफ भी सुनवाई के दौरान अभियोजन ने भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत सजा देने की मांग की थी। पांच सितंबर को फैसला सुनाए जाने की तारीख तय थी, लेकिन केस रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद अभियोजन ने एक और अपराध की धारा जोड़ने की मांग की। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 12 अक्टूबर को आयुष को दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई कर उसे आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत दी गई सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया। पहचान छिपाकर पूर्णिया में रहने की जानकारी आयुष कुमार नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव का निवासी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के बाद वह पहचान छिपाकर पूर्णिया में रह रहा था। उसके पकड़े जाने की परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस पदाधिकारियों के संज्ञान में उसके पूर्णिया में रहने की जानकारी आने के बाद शेखपुरा से गई पुलिस टीम उसे अपने कब्जे में लेकर न्यायालय में पेश करने के लिए लाई थी। मामले में आयुष को पहले भगोड़ा घोषित किया गया था। उसकी सजा की सुनवाई के दौरान न्यायालय परिसर में काफी गहमागहमी रही और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शेखपुरा के बरबीघा में डकैती के दौरान हर्ष राज की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आयुष कुमार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सिविल कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। आयुष को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से न्यायालय में पेश किया गया, जहां खुले न्यायालय में सजा सुनाई गई। डकैती के दौरान हथौड़े से वार कर की गई थी हत्या लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा और अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि घटना 19 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि की है। बदमाशों ने बरबीघा प्रखंड के मिशन थाना क्षेत्र स्थित न्यू एरिया मोहल्ले में एक घर में डकैती के दौरान हथौड़े से वार कर हर्ष राज की हत्या कर दी थी। हर्ष राज शिक्षिका राधिका देवी का बेटा था। पांच आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद अभियोजन पक्ष के अनुसार, तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने इस मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था। सात जुलाई 2022 को दोषसिद्धि के बाद 14 जुलाई 2022 को नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव निवासी विक्रम कुमार और गौतम कुमार, सुभानपुर गांव निवासी अमन कुमार, नतीनपुर गांव निवासी तिजेंद्र कुमार और कृष्णपुरी निवासी रोहित कुमार बिल्ला को भारतीय दंड विधान की धारा 396 समेत अन्य धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 12 अक्टूबर को दोषी करार, अब सुनाई गई सजा लोक अभियोजकों ने बताया कि आयुष कुमार के खिलाफ भी सुनवाई के दौरान अभियोजन ने भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत सजा देने की मांग की थी। पांच सितंबर को फैसला सुनाए जाने की तारीख तय थी, लेकिन केस रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद अभियोजन ने एक और अपराध की धारा जोड़ने की मांग की। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 12 अक्टूबर को आयुष को दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई कर उसे आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत दी गई सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया। पहचान छिपाकर पूर्णिया में रहने की जानकारी आयुष कुमार नवादा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के महरथ गांव का निवासी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के बाद वह पहचान छिपाकर पूर्णिया में रह रहा था। उसके पकड़े जाने की परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस पदाधिकारियों के संज्ञान में उसके पूर्णिया में रहने की जानकारी आने के बाद शेखपुरा से गई पुलिस टीम उसे अपने कब्जे में लेकर न्यायालय में पेश करने के लिए लाई थी। मामले में आयुष को पहले भगोड़ा घोषित किया गया था। उसकी सजा की सुनवाई के दौरान न्यायालय परिसर में काफी गहमागहमी रही और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

