सहारनपुर में बेहट तहसील के गांव अलीपुरा भागूवाला में नदी की सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश को प्रशासन ने नाकाम कर दिया। हरियाणा के पानीपत निवासी धनराज सैनी और उसके सहयोगियों ने पहले से कब्जामुक्त कराई गई जमीन पर फिर से निर्माण शुरू कर दिया था। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। इसके बाद एसडीएम बेहट के नेतृत्व में पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार शाम पांच बजे अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया। साथ ही कब्जाधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। डीएम अरविंद चौहान के निर्देश पर शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। एसडीएम बेहट सुबोध कुमार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की टीम गांव अलीपुरा भागूवाला पहुंची। यहां खसरा संख्या 497/6 मि० की 8.338 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में नदी के रूप में दर्ज है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए है। प्रशासन के अनुसार, इस भूमि के एक हिस्से पर कुछ बाहरी लोगों ने निर्माण सामग्री डालकर अवैध निर्माण करने का प्रयास किया था। इस पर 18 मई 2024 को राजस्व विभाग ने पैमाइश और निशानदेही कराकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया था। इसके बावजूद 27 अक्टूबर 2026 को पानीपत, हरियाणा निवासी धनराज सैनी पुत्र रामेश्वर सैनी और उसके सहयोगियों ने उसी जमीन पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर राजस्व टीम ने धनराज से मोबाइल फोन पर संपर्क कर सरकारी जमीन पर निर्माण रोकने की हिदायत दी।इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसे प्रशासनिक चेतावनी की अनदेखी मानते हुए एसडीएम ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। शुक्रवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया। प्रशासन ने संबंधित कब्जाधारक के खिलाफ अभियोग भी पंजीकृत कराया है। एसडीएम सुबोध कुमार ने स्पष्ट किया कि नदी के रूप में दर्ज सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा। भू-माफिया और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

