सीहोर जिले की बुदनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में हुई घटना के विरोध में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को धरना दिया। पूर्व शिक्षा मंत्री राजकुमार पटेल ने आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बुदनी क्षेत्र में करीब 3 से 4 हजार प्रकरण अब भी लंबित हैं। पटेल ने शासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और आदिवासियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पूर्व मंत्री बोले- घटना ने पूरे क्षेत्र को कलंकित किया
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद वीडियो में अपनी बात रखते हुए राजकुमार पटेल ने कोसमी की घटना को पूरे क्षेत्र के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में शासन को हस्तक्षेप कर प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आदिवासियों को पट्टा देने के कानून का किया जिक्र
राजकुमार पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के हितों के लिए काम किया है। उन्होंने साल 2005 तक काबिज लोगों को पट्टा देने के अधिकार से जुड़े कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बुदनी में 3 से 4 हजार प्रकरण लंबित होने का दावा
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि बुदनी विधानसभा क्षेत्र में करीब 3 से 4 हजार प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने इसे व्यवस्था की कमी बताते हुए शासन से इन मामलों का निराकरण करने की मांग की। उनका कहना था कि समय पर कार्रवाई होने से आदिवासी परिवारों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। कांग्रेस के कई पदाधिकारी पहुंचे
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लाड़कुई के अध्यक्ष चंदर मीणा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मामले में शासन से हस्तक्षेप की मांग की।

