देश के लगभग 30 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्वाइंट टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (JTFI) का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मिला। राष्ट्रीय महासचिव हितेंद्र साहसी और मोहर सिंह सलावद के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित शिक्षकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की। पुराने नियमों पर हुई थी नियुक्तियां
फेडरेशन के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राजस्थान के 50 हजार और देशभर के करीब 30 लाख शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू सेवा नियमों के आधार पर हुई थी, जब TET अनिवार्य नहीं था। शिक्षकों ने अपने जीवन के कई साल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में लगाए हैं। ऐसे में इतने सालों की सेवा के बाद TET अनिवार्य करने से उनके भविष्य और नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। अध्यादेश लाकर समाधान की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि सरकार शिक्षकों के अनुभव और उनकी नियुक्ति के समय के नियमों को ध्यान में रखकर न्यायसंगत समाधान निकाले। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार जल्द अध्यादेश लाकर शिक्षकों की सेवा संबंधी अनिश्चितता को दूर करे। मंत्री ने दिया आश्वासन
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनने के बाद आश्वासन दिया कि इस विषय को केंद्र सरकार के सामने प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा और शिक्षकों के हित में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में फेडरेशन के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

