दरभंगा सिविल कोर्ट में गुरुवार को अलग-अलग मामलों में सुनवाई है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रेप, आर्थिक गबन और ठगी मामले में चार आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने शादी का झांसा देकर महिला से रेप करने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के आरोप में बलहा निवासी शहजाद अंसारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि आरोपी शहजाद अंसारी की ओर से गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन दाखिल किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध किया। सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी गई। जमाकर्ताओं के रुपए गबन मामले में नियमित जमानत नामंजूर लोक अभियोजक ने बताया कि एडीजे भूपेंद्र सिंह की अदालत ने बहादुरपुर थानाकांड संख्या 500/24 में काराधीन रौशन ठाकुर की नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी। यह मामला स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड, शाखा ओझौल के शाखा प्रबंधक पर जमाकर्ताओं के रुपए गबन के आरोप से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, मामले में जमाकर्ताओं से संबंधित राशि के गबन का आरोप लगाया गया है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसकी ओर से नियमित जमानत के लिए अदालत में आवेदन दिया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने नियमित जमानत आवेदन खारिज कर दिया। 17.69 लाख रुपए की ठगी में दो आरोपियों को भी राहत नहीं इसी अदालत ने 17 लाख 69 हजार रुपए की ठगी के आरोप में दर्ज नगर थानाकांड संख्या 138/25 के दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी। मामले में सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कटका निवासी निजानंद कुंवर और गुड़िया कुमारी आरोपी हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि इन मामलों में संबंधित आरोपियों के लिए अब जमानत पाने का अगला कानूनी विकल्प पटना उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करना है। निचली अदालत से जमानत आवेदन खारिज होने के बाद आरोपी विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं। दरभंगा सिविल कोर्ट में गुरुवार को अलग-अलग मामलों में सुनवाई है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रेप, आर्थिक गबन और ठगी मामले में चार आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने शादी का झांसा देकर महिला से रेप करने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के आरोप में बलहा निवासी शहजाद अंसारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि आरोपी शहजाद अंसारी की ओर से गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन दाखिल किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध किया। सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी गई। जमाकर्ताओं के रुपए गबन मामले में नियमित जमानत नामंजूर लोक अभियोजक ने बताया कि एडीजे भूपेंद्र सिंह की अदालत ने बहादुरपुर थानाकांड संख्या 500/24 में काराधीन रौशन ठाकुर की नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी। यह मामला स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड, शाखा ओझौल के शाखा प्रबंधक पर जमाकर्ताओं के रुपए गबन के आरोप से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, मामले में जमाकर्ताओं से संबंधित राशि के गबन का आरोप लगाया गया है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसकी ओर से नियमित जमानत के लिए अदालत में आवेदन दिया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने नियमित जमानत आवेदन खारिज कर दिया। 17.69 लाख रुपए की ठगी में दो आरोपियों को भी राहत नहीं इसी अदालत ने 17 लाख 69 हजार रुपए की ठगी के आरोप में दर्ज नगर थानाकांड संख्या 138/25 के दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी। मामले में सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कटका निवासी निजानंद कुंवर और गुड़िया कुमारी आरोपी हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि इन मामलों में संबंधित आरोपियों के लिए अब जमानत पाने का अगला कानूनी विकल्प पटना उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करना है। निचली अदालत से जमानत आवेदन खारिज होने के बाद आरोपी विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

