टोंक से गुजर रही बनास नदी में एक बार फिर शनिवार को पंडित पवन सागर ने सर्व समाज के लोगों को निशुल्क सामूहिक तर्पण करवाया। इस मौके पर टोंक समेत अन्य जगह से सैकड़ों लोगों ने इस सामूहिक तर्पण कार्यक्रम में भाग लेकर अपने अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी। श्राद्ध पक्ष में किया जाता है तर्पण सनातन धर्म में अपने पितरों को याद करने के लिए पितृ पक्ष के दौरान तर्पण श्राद्ध किया जाता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के दिनों में यमराज आत्मा को मुक्त कर देते हैं, जिससे वे अपने परिजनों के यहां जाकर तर्पण ग्रहण कर सकें। पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष दूर होता है। ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष को अशुभ फल देने वाला माना गया है। श्राद्ध में पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। पितृ पक्ष के दौरान स्वर्गीय परिजनों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए तर्पण किया जाता है। कई जगहों पर आश्विन कृष्णपक्ष श्राद्ध पक्ष में शास्त्र सम्मत पूर्वजों का आचार्यों को दक्षिणा देकर तर्पण करवाना पड़ता है, लेकिन टोंक में एक दशक से ज्यादा साल से यह आयोजन लगातार किया जा रहा है। निशुल्क होता है पूरा कार्यक्रम यह आयोजन बिल्कुल निःशुल्क होता है इसमे ना किसी पंडित को दक्षिणा देनी होती है और ना किसी प्रकार की सामग्री का खर्च होता है। आयोजन से जुड़े लोग तर्पण के बाद गाय को चारा खिलाने सहित जरूरतमंद को दान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

