नवादा में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। कौआकोल थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी सीमेंट और छड़ व्यवसायी अनिल कुमार से टीएमटी सरिया की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 5 लाख 21 हजार रुपए ठग लिए गए हैं। पीड़ित व्यवसायी अनिल कुमार के अनुसार, उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक टीएमटी सरिया कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने अनिल कुमार को कंपनी की डीलरशिप लेने का प्रस्ताव दिया और झांसा दिया कि डीलरशिप मिलने पर बाजार से काफी सस्ते दर पर सरिया उपलब्ध कराया जाएगा। पैसे ट्रांसफर होने के बाद फोन किया बंद व्यवसायी ने इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई। इसके बाद साइबर ठग ने डीलरशिप प्रक्रिया पूरी करने के बहाने अनिल कुमार से कंपनी के खाते में 5 लाख 21 हजार रुपए जमा करने को कहा। ठग ने भरोसा दिलाया कि राशि जमा होने के बाद सरिया की खेप उनके प्रतिष्ठान तक पहुंचा दी जाएगी। व्यवसायी ने विश्वास कर बताई गई राशि बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब व्यवसायी ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। कई बार कोशिश करने पर भी संपर्क नहीं हो सका। दूसरे अधिकारी से संपर्क करने पर हुआ खुलासा इसके बाद व्यवसायी ने कंपनी के दूसरे अधिकारी से संपर्क कर जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है और न ही डीलरशिप से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू हुई है। तब अनिल कुमार को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठगी में शामिल साइबर अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। नवादा में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। कौआकोल थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी सीमेंट और छड़ व्यवसायी अनिल कुमार से टीएमटी सरिया की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 5 लाख 21 हजार रुपए ठग लिए गए हैं। पीड़ित व्यवसायी अनिल कुमार के अनुसार, उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक टीएमटी सरिया कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने अनिल कुमार को कंपनी की डीलरशिप लेने का प्रस्ताव दिया और झांसा दिया कि डीलरशिप मिलने पर बाजार से काफी सस्ते दर पर सरिया उपलब्ध कराया जाएगा। पैसे ट्रांसफर होने के बाद फोन किया बंद व्यवसायी ने इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई। इसके बाद साइबर ठग ने डीलरशिप प्रक्रिया पूरी करने के बहाने अनिल कुमार से कंपनी के खाते में 5 लाख 21 हजार रुपए जमा करने को कहा। ठग ने भरोसा दिलाया कि राशि जमा होने के बाद सरिया की खेप उनके प्रतिष्ठान तक पहुंचा दी जाएगी। व्यवसायी ने विश्वास कर बताई गई राशि बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब व्यवसायी ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। कई बार कोशिश करने पर भी संपर्क नहीं हो सका। दूसरे अधिकारी से संपर्क करने पर हुआ खुलासा इसके बाद व्यवसायी ने कंपनी के दूसरे अधिकारी से संपर्क कर जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है और न ही डीलरशिप से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू हुई है। तब अनिल कुमार को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठगी में शामिल साइबर अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

