वेतन को तरसे कॉलेज कर्मी, धरना शुरू:पैसों के अभाव में 2 कर्मियों की मौत का आरोप, प्रबंध समिति के अनुमोदन में डेढ़ साल की देरी

वेतन को तरसे कॉलेज कर्मी, धरना शुरू:पैसों के अभाव में 2 कर्मियों की मौत का आरोप, प्रबंध समिति के अनुमोदन में डेढ़ साल की देरी

नालंदा के हिलसा स्तिथ महंथ विद्यानंद इंटर कॉलेज के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने तदर्थ प्रबंध समिति का अनुमोदन नहीं कराए जाने के विरोध में जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कॉलेज की प्रबंध समिति गठित होने के बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण अनुमोदन की प्रक्रिया डेढ़ साल से लंबित रखी गई है, जिससे सभी कर्मी भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। लेखापाल विनय कुमार ने बताया कि वेतन-भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझते हुए कॉलेज के दो कर्मचारियों मुंद्रिका प्रसाद और उपेंद्र प्रसाद ने समय पर समुचित इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। बाकी बचे कर्मचारियों के सामने भी परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई घरों में भुखमरी की नौबत आ चुकी है, जिससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। खाते में राशि मौजूद, फिर भी डेढ़ साल से वितरण पर लगी है रोक धरने पर बैठे कॉलेज के लेखापाल विनय कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि कॉलेज कर्मियों की अनुदान-भुगतान राशि पिछले डेढ़ साल से बैंक खाते में आकर अटकी हुई है। जब तक तदर्थ प्रबंध समिति का विधिवत अनुमोदन नहीं हो जाता, तब तक इस राशि का वितरण कर्मचारियों के बीच संभव नहीं है। स्थानीय स्तर पर गठित समिति के प्रस्ताव को अनुमोदित कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (इंटर काउंसिल) के निदेशक को भेजा जाना था, लेकिन अधिकारी लगातार इस मामले को टालते आ रहे हैं। कर्मचारी पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रदर्शनकारी कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा विभाग तदर्थ प्रबंध समिति के अनुमोदन का प्रस्ताव इंटर काउंसिल को नहीं भेजता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अनुमोदन की फाइल आगे बढ़ाने की गुहार लगाई है, ताकि कर्मियों को उनका रुका हुआ मानदेय मिल सके और परिवार पर मंडरा रहा गहरा आर्थिक संकट दूर हो सके। नालंदा के हिलसा स्तिथ महंथ विद्यानंद इंटर कॉलेज के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने तदर्थ प्रबंध समिति का अनुमोदन नहीं कराए जाने के विरोध में जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कॉलेज की प्रबंध समिति गठित होने के बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण अनुमोदन की प्रक्रिया डेढ़ साल से लंबित रखी गई है, जिससे सभी कर्मी भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। लेखापाल विनय कुमार ने बताया कि वेतन-भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझते हुए कॉलेज के दो कर्मचारियों मुंद्रिका प्रसाद और उपेंद्र प्रसाद ने समय पर समुचित इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। बाकी बचे कर्मचारियों के सामने भी परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई घरों में भुखमरी की नौबत आ चुकी है, जिससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। खाते में राशि मौजूद, फिर भी डेढ़ साल से वितरण पर लगी है रोक धरने पर बैठे कॉलेज के लेखापाल विनय कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि कॉलेज कर्मियों की अनुदान-भुगतान राशि पिछले डेढ़ साल से बैंक खाते में आकर अटकी हुई है। जब तक तदर्थ प्रबंध समिति का विधिवत अनुमोदन नहीं हो जाता, तब तक इस राशि का वितरण कर्मचारियों के बीच संभव नहीं है। स्थानीय स्तर पर गठित समिति के प्रस्ताव को अनुमोदित कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (इंटर काउंसिल) के निदेशक को भेजा जाना था, लेकिन अधिकारी लगातार इस मामले को टालते आ रहे हैं। कर्मचारी पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रदर्शनकारी कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा विभाग तदर्थ प्रबंध समिति के अनुमोदन का प्रस्ताव इंटर काउंसिल को नहीं भेजता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अनुमोदन की फाइल आगे बढ़ाने की गुहार लगाई है, ताकि कर्मियों को उनका रुका हुआ मानदेय मिल सके और परिवार पर मंडरा रहा गहरा आर्थिक संकट दूर हो सके।  

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