लखीसराय सदर अस्पताल परिसर में एक सरकारी एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। उसका इंजन स्टार्ट नहीं होने पर चालक और अन्य कर्मचारियों को उसे धक्का लगाकर चालू करना पड़ा। कोशिश के बाद एंबुलेंस स्टार्ट हुई। इससे अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस के रखरखाव पर सवाल उठे हैं। जानकारी के मुताबिक, एक कॉल से लौटने के बाद चालक गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश कर रहा था। कई बार चाबी घुमाने पर भी इंजन चालू नहीं हुआ। कर्मचारी एंबुलेंस को धक्का लगाते दिखे जब एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई, तो कर्मचारियों ने मिलकर उसे धक्का लगाना शुरू किया। काफी कोशिश के बाद इंजन चालू हो पाया। अस्पताल में मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट होते देखा। तस्वीरों में भी कर्मचारी धक्का लगाते दिखे। चालक ने इसकी जानकारी एंबुलेंस अधिकारी को दी है। सरकारी एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और इमरजेंसी में जान बचाने के लिए जरूरी होती हैं। ऐसे में एंबुलेंस का खराब होना नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच की जरूरत बताता है। हालांकि, खराबी की असली वजह सामने नहीं आई है। लखीसराय सदर अस्पताल परिसर में एक सरकारी एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। उसका इंजन स्टार्ट नहीं होने पर चालक और अन्य कर्मचारियों को उसे धक्का लगाकर चालू करना पड़ा। कोशिश के बाद एंबुलेंस स्टार्ट हुई। इससे अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस के रखरखाव पर सवाल उठे हैं। जानकारी के मुताबिक, एक कॉल से लौटने के बाद चालक गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश कर रहा था। कई बार चाबी घुमाने पर भी इंजन चालू नहीं हुआ। कर्मचारी एंबुलेंस को धक्का लगाते दिखे जब एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई, तो कर्मचारियों ने मिलकर उसे धक्का लगाना शुरू किया। काफी कोशिश के बाद इंजन चालू हो पाया। अस्पताल में मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट होते देखा। तस्वीरों में भी कर्मचारी धक्का लगाते दिखे। चालक ने इसकी जानकारी एंबुलेंस अधिकारी को दी है। सरकारी एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और इमरजेंसी में जान बचाने के लिए जरूरी होती हैं। ऐसे में एंबुलेंस का खराब होना नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच की जरूरत बताता है। हालांकि, खराबी की असली वजह सामने नहीं आई है।

