नगर निगम लखनऊ ने बकाया रेंट न चुकाने वालों और आवंटन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। ₹1 लाख से अधिक का किराया लंबे समय से जमा न करने पर नगर निगम ने बादशाहनगर, आईटी चौराहे व अलीगंज में 14 दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, अब आवंटियों की मृत्यु के बाद भी अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे लोगों और अन्य बकाएदारों से दुकानें खाली कराने की बड़ी कार्रवाई की जा रही है। चारबाग और मोहन मार्केट में 150 दुकानें होंगी सील नगर निगम अब तालकटोरा, चारबाग और मोहन मार्केट में करीब 150 दुकानदारों की दुकानों को सील करने के साथ-साथ उनका आवंटन निरस्त करने की तैयारी में है। इन सभी दुकानदारों को जल्द ही अंतिम नोटिस जारी की जाएगी। यदि तय समय सीमा के भीतर बकाए पैसे का भुगतान नहीं किया जाता है, तो दुकानों को सील कर दिया जाएगा। जिन आवंटियों का आवंटन निरस्त हो चुका है, उनसे अब नगर निगम दुकानों का भौतिक कब्जा वापस लेगा। अवैध कब्जे पर नगर निगम का सार्वजनिक नोटिस नगर निगम लखनऊ कर निर्धारण अधिकारी – रेंट द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, फैजाबाद रोड स्थित कैलाश कुंज जोन- 4 और अलीगंज सेक्टर-एच जोन- 3 में मूल आवंटियों की मृत्यु हो जाने के बाद भी दुकानें खाली नहीं की गई थीं। नगर आयुक्त के आदेश के तहत इन दुकानों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। नगर निगम ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि दुकानों पर काबिज सभी संबंधित व्यक्ति तीन दिनों के भीतर दुकान का कब्जा नगर निगम को सौंप दें। यदि समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं दिया जाता है, तो अवैध रूप से रहने वाले लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी।

