टीकमगढ़ जिले की नगर परिषद लिधौरा में निराश्रित गोवंश के लंपी वायरस की चपेट में आने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाज और देखरेख के अभाव में कई गोवंश की मौत हो चुकी है। लोगों ने पशुपालन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल टीकाकरण और गोवंश को गौशालाओं में भेजने की मांग की है। सड़कों पर घूम रहा निराश्रित गोवंश लिधौरा में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूम रहा है। बारिश के दौरान कीचड़ और गंदगी के बीच रहने से पशुओं के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीमार गोवंश को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। गौ सेवकों ने जुटाए रुपए, कराया इलाज लिधौरा निवासी अनिल दरोगा और संतोष तिवारी ने बताया कि निराश्रित गोवंश को सरकारी गौशालाओं में नहीं भेजा जा रहा है। उनका आरोप है कि लंपी वायरस की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण नहीं हुआ। बीमारी बढ़ने के बाद स्थानीय गौ सेवकों ने आपस में रुपए जुटाकर बीमार गोवंश का इलाज शुरू कराया। पिछले साल भी मौतों का दावा स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले साल भी लंपी वायरस से बड़ी संख्या में गोवंश की मौत हुई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद इस बार बीमारी की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण नहीं कराया गया। लोगों ने बीमारी फैलने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। गोवंश को गौशालाओं में भेजने की मांग स्थानीय लोगों ने निराश्रित गोवंश को सरकारी गौशालाओं में शिफ्ट करने और उनका टीकाकरण कराने की मांग की है। साथ ही पशुपालकों से बारिश के मौसम में अपने गोवंश को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की है। बोले- जांच के बाद कराया जाएगा टीकाकरण पशुपालन विभाग के उपसंचालक आरके जैन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को टीकाकरण अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। लिधौरा में भी जांच कराकर गोवंश का टीकाकरण कराया जाएगा।

