समस्तीपुर जिले के रोसरा की डीसीएलआर कंचन कुमारी झा के तीन बैंक खातों को निगरानी विभाग ने फ्रीज कर दिया है। वहीं, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। निगरानी की इस कार्रवाई के बाद डीसीएलआर पर निलंबन की गाज भी किसी समय गिर सकती है। 27 अगस्त को निगरानी विभाग की टीम ने डीसीएलआर के रोसरा स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान टीम ने उन्हें 2 लाख रुपए रिश्वत की राशि और एक वॉशिंग मशीन लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में उनके घरेलू सहायक सुमित कुमार को भी निगरानी गिरफ्तार कर पटना ले गई थी। निगरानी विभाग ने इस संबंध में सोमवार की शाम एक विज्ञप्ति जारी कर कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी है। एक खाते में 7 लाख से ज्यादा रुपए जारी विज्ञप्ति के अनुसार, छापेमारी के दौरान डीसीएलआर के तीन बैंक खातों की जानकारी मिली। इनमें एक बैंक खाते में 7.70 लाख रुपए, दूसरे बैंक खाते में 2.31 लाख और तीसरे बैंक खाते में करीब 90 हजार रुपए जमा पाए गए। इसके बाद तीनों बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। वहीं, सरकारी आवास की तलाशी के दौरान जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित दो दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। निगरानी विभाग के अनुसार, ट्रैप की कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद होने के बाद हाथ धुलाने की प्रक्रिया कराई गई थी। इस दौरान पानी का रंग गुलाबी हो गया था। अब इस मामले में निगरानी विशेष न्यायालय से आदेश प्राप्त कर संबंधित नमूने को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। सात साल तक की हो सकती है सजा निगरानी विभाग की ओर से इस मामले में जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र निगरानी न्यायालय में समर्पित किया जाएगा। आरोप सिद्ध होने की स्थिति में डीसीएलआर और इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपी को सात वर्ष तक की सजा हो सकती है। बता दें कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी मनोज कुमार का जमीन पर कब्जा दिलाने से संबंधित एक मामला डीसीएलआर न्यायालय में चल रहा था। आरोप है कि मामले में पक्ष में फैसला देने और जमीन पर कब्जा दिलाने के बदले पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता को यह भी बताया गया था कि विरोधी पक्ष की ओर से इस मामले में 7 लाख रुपए दिए गए हैं। डीसीएलआर के सरकारी आवास पर छापेमारी के दौरान निगरानी विभाग ने 13 लाख 82 हजार रुपए नगद भी बरामद किए थे। समस्तीपुर जिले के रोसरा की डीसीएलआर कंचन कुमारी झा के तीन बैंक खातों को निगरानी विभाग ने फ्रीज कर दिया है। वहीं, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। निगरानी की इस कार्रवाई के बाद डीसीएलआर पर निलंबन की गाज भी किसी समय गिर सकती है। 27 अगस्त को निगरानी विभाग की टीम ने डीसीएलआर के रोसरा स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान टीम ने उन्हें 2 लाख रुपए रिश्वत की राशि और एक वॉशिंग मशीन लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में उनके घरेलू सहायक सुमित कुमार को भी निगरानी गिरफ्तार कर पटना ले गई थी। निगरानी विभाग ने इस संबंध में सोमवार की शाम एक विज्ञप्ति जारी कर कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी है। एक खाते में 7 लाख से ज्यादा रुपए जारी विज्ञप्ति के अनुसार, छापेमारी के दौरान डीसीएलआर के तीन बैंक खातों की जानकारी मिली। इनमें एक बैंक खाते में 7.70 लाख रुपए, दूसरे बैंक खाते में 2.31 लाख और तीसरे बैंक खाते में करीब 90 हजार रुपए जमा पाए गए। इसके बाद तीनों बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। वहीं, सरकारी आवास की तलाशी के दौरान जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित दो दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। निगरानी विभाग के अनुसार, ट्रैप की कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद होने के बाद हाथ धुलाने की प्रक्रिया कराई गई थी। इस दौरान पानी का रंग गुलाबी हो गया था। अब इस मामले में निगरानी विशेष न्यायालय से आदेश प्राप्त कर संबंधित नमूने को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। सात साल तक की हो सकती है सजा निगरानी विभाग की ओर से इस मामले में जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र निगरानी न्यायालय में समर्पित किया जाएगा। आरोप सिद्ध होने की स्थिति में डीसीएलआर और इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपी को सात वर्ष तक की सजा हो सकती है। बता दें कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी मनोज कुमार का जमीन पर कब्जा दिलाने से संबंधित एक मामला डीसीएलआर न्यायालय में चल रहा था। आरोप है कि मामले में पक्ष में फैसला देने और जमीन पर कब्जा दिलाने के बदले पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता को यह भी बताया गया था कि विरोधी पक्ष की ओर से इस मामले में 7 लाख रुपए दिए गए हैं। डीसीएलआर के सरकारी आवास पर छापेमारी के दौरान निगरानी विभाग ने 13 लाख 82 हजार रुपए नगद भी बरामद किए थे।

