रेरा की डिफॉल्टर सूची में उदयपुर के कई बिल्डर:वेबसाइट पर कारोबारियों के नाम-फोटो सार्वजनिक किए; नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया

रेरा की डिफॉल्टर सूची में उदयपुर के कई बिल्डर:वेबसाइट पर कारोबारियों के नाम-फोटो सार्वजनिक किए; नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया

राजस्थान रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने नियमों की पालना नहीं करने वाले बिल्डरों और प्रमोटरों पर शिकंजा कसते हुए डिफॉल्टरों के नाम और तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। जिसमें उदयपुर के कई बिल्डर और डेवलपर्स शामिल हैं। सूची में उदयपुर के नामचीन रियल एस्टेट कारोबारी भी शामिल हैं। कई बिल्डरों के नाम सामने आने के बाद शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र में हडकंप मचा हुआ है। अब घर और भूखंड खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने भी सवाल है कि जिस बिल्डर पर वे भरोसा कर रहे हैं, उसका रिकॉर्ड कितना साफ है। राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने अपनी वेबसाइट पर प्रोजेक्ट्स से जुड़े डिफॉल्टरों के नाम जारी किए हैं। इसमें कई नियमों की पालना नहीं करने, प्रोजेक्ट अटकाने वाले और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वाले हैं। डिफॉल्टर सूची में उदयपुर के ये बिल्डर 1. शुभ बिल्डर्स एंड डवलपर्स फर्म के बाबू मोटावत और रोहित मोटावत। रेरा आदेश के अनुसार विज्ञापन संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर 50,000 रुपए का जुर्माना, उसकी वसूली और डिफॉल्टर संबंधी कार्रवाई शामिल है। अथॉरिटी की वेबसाइट का पता, प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर और प्रमोटर का नाम-पता प्रमुखता से दिखाना अनिवार्य है। बिल्डर ने इसका पालन नहीं किया था। इस पर 15 जुलाई 2021 को ही 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इसमें परियोजना के नियामकीय अनुपालन और प्रमोटर की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। 2. गुलशन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड की गोकुल ब्लिस परियोजना के मामले में 12 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया गया। इसमें परियोजना को समयावधि समाप्त श्रेणी में दर्शाने, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने का उल्लेख किया गया है। गुलशन रियलटर्स के रमेश पहलवानी, भारती पहलवानी, जूही और पद पहलवानी का नाम अंकित है। प्राधिकरण ने 1 लाख रुपए के जुर्माने की वसूली तथा RERA अधिनियम की धारा 40(1) के तहत आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 3 शंखेश्वर डवलपर्स के डायरेक्टर और पार्टनर आशीष जैन, नानालाल राठौड़, शंकरलाल राठौड़ व सरला जैन भी शामिल हैं। आदेश में कहा कि प्रोजेक्ट कंप्लीट होने और कंपनी स्ट्राइक ऑफ होने से पुराना जुर्माना खत्म नहीं होता। बिल्डर ने विज्ञापन में रेरा वेबसाइट और रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं दिखाया था, जो धारा 11(2) का उल्लंघन है। इस पर 2021 में ही 50 हजार का जुर्माना लगा था, जिसे 4 साल से नहीं भरा गया। 4. डीसीबी टाउन प्लानर्स प्रा. लि. की शांति चौबीसा और सुरेश चौबीसा भी शामिल है। प्राधिकरण ने कहा है कि बिल्डर को 01.10.2021 को 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन 4 साल से ज्यादा समय बाद भी उसने पैसा जमा नहीं किया। रेरा ने इसे आदेश की जानबूझकर अवहेलना मानते हुए रेरा एक्ट की धारा 40(1) के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश दिए हैं। 5. धरती इंफ्रा प्रोजेक्ट के संजय संचेती और राजेश जैन का नाम भी शामिल है। रेरा के अनुसार बिल्डर को 29.10.2021 को दो लाख का जुर्माना लगाया गया था। चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने आदेश की पालना नहीं की। प्राधिकरण ने अपने आदेश में लिखा है कि -“यह देखा गया है कि प्रतिवादी ने निर्देशों की 4 साल बाद भी पालना नहीं की है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी जानबूझकर आदेश की पालना से बच रहा है। 5. केपी टावर्स प्रा. लि के सरदार होड़ा और कंवल होडा भी शामिल है। रेरा के अनुसार बिल्डर को 23.09.2021 को 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन 4 साल से अधिक समय बाद भी पालना नहीं की गई। प्राधिकरण ने कहा-प्रतिवादी जानबूझकर आदेश की पालना से बच रहा है।

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