रुपये में कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को सहारा मिलने और मुद्रास्फीति के आंकड़ों से निवेशकों की धारणा तय होने के बीच अगले सप्ताह दोनों कीमती धातुओं में सीमित दायरे में कारोबार होने की संभावना है। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों के मुताबिक, कारोबारियों की नजर भारत, चीन और अमेरिका के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी।
चीन के व्यापार आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के भाषणों से भी बाजार को संकेत मिलेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाएगा या इस फैसले को दिसंबर तक टाल देगा। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं जिंस और मुद्रा शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘आगे कीमतों में सीमित दायरे में कारोबार रहने की संभावना है, हालांकि रुख थोड़ा सकारात्मक रह सकता है। रुपये में कमजोरी वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के मुकाबले घरेलू बाजार को सहारा दे रही है।’’
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में पिछले सप्ताह दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने के वायदा भाव में 1,109 रुपये यानी करीब एक प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
हालांकि, चांदी का वायदा भाव 122 रुपये की मामूली गिरावट के साथ 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर में नरमी, बॉन्ड प्रतिफल में कमी और भू-राजनीतिक स्थिति को लेकर धारणा में सुधार से एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में तेजी आई। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निकट अवधि में मुद्रास्फीति की चिंताएं भी कम हुईं।
रुपये की कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने को अतिरिक्त सहारा मिला। उन्होंने कहा, ‘‘रुपये में कमजोरी से आयातित सोने की लागत बढ़ जाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव होने के बावजूद एमसीएक्स पर सोने को सहारा मिलता है।
मुद्रा विनिमय का यह असर कॉमेक्स पर सोने की कीमतों में मामूली गिरावट के मुकाबले घरेलू कीमतों को सहारा देता रह सकता है।’’
विदेशी बाजार में कॉमेक्स पर दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव पिछले सप्ताह 54 डॉलर यानी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 4,216.3 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर 61.05 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि निचले स्तर पर खरीदारी से सोने के वायदा भाव में साप्ताहिक आधार पर एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
कीमतें करीब 4,066 डॉलर प्रति औंस से उबरकर 4,200 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गईं। मेर के मुताबिक, पिछले सप्ताह की ज्यादातर तेजी कारोबार के आखिरी दो सत्रों में आई। इस दौरान डॉलर 102 के स्तर के आसपास स्थिर हुआ और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के प्रतिफल में हालिया बढ़त का कुछ हिस्सा घट गया।
चांदी की कीमतों में भी आखिरी दो कारोबारी सत्रों में सुधार आया। इसे सोने की तेजी के साथ-साथ तांबा और जस्ता जैसी औद्योगिक धातुओं में सकारात्मक रुख से समर्थन मिला। हालांकि, मेर ने कहा कि ऊंची कीमतों के कारण मांग कमजोर पड़ने और खरीदारों के दूसरे विकल्पों की ओर रुख करने की आशंका से तेजी सीमित रही।
इसके अलावा, वर्ष 2027 में बाजार में आपूर्ति मांग से अधिक रहने की संभावना भी कीमतों पर दबाव डाल सकती है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक बनी हुई है।

