सुपौल-विकास राशि की निकासी में गड़बड़ी पर HM निलंबित:डीएम के निर्देश पर कार्रवाई, कैशबुक-MDM के रिकॉर्ड में मिलीं खामियां

सुपौल-विकास राशि की निकासी में गड़बड़ी पर HM निलंबित:डीएम के निर्देश पर कार्रवाई, कैशबुक-MDM के रिकॉर्ड में मिलीं खामियां

सुपौल के सरकारी विद्यालयों में अनियमितताओं और शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रतापगंज प्रखंड के उर्दू मध्य विद्यालय सूर्यापुर के प्रधानाध्यापक शोभाकांत देव को विभिन्न अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा ने निलंबन का आदेश जारी किया है। प्रधानाध्यापक को विभागीय कार्यवाही के अधीन भी किया गया है। औचक निरीक्षण में सामने आईं कई गड़बड़ियां जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, प्रतापगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने 1 अक्टूबर 2026 को पत्रांक 865 के माध्यम से निरीक्षण रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी थी। बीडीओ ने 30 सितंबर को सुबह 11:45 बजे विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक की कार्यशैली असंतोषजनक बताई गई और कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। रंग-रोगन कराए बिना विकास राशि निकालने का आरोप जांच रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में विद्यालय को विकास मद में मिली राशि से रंग-रोगन कराए बिना ही अभिलेख तैयार कर राशि की निकासी कर ली गई। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक कैशबुक भी प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि विद्यालय के अभिलेख अपने घर पर रखे हैं। मध्याह्न भोजन के रिकॉर्ड में भी मिली खामियां निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन की उपस्थिति पंजी में उस दिन छात्रों की संख्या दर्ज नहीं मिली। वहीं, मध्याह्न भोजन से संबंधित कैशबुक की जांच में वर्ष 2020 से विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। रिपोर्ट में इन गड़बड़ियों को गंभीर मानते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। त्रिवेणीगंज में रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय जिलाधिकारी के निर्देश पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 के तहत शोभाकांत देव को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार, आरोपपत्र अलग से जारी किया जाएगा और आगे विभागीय कार्यवाही की जाएगी। सुपौल के सरकारी विद्यालयों में अनियमितताओं और शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रतापगंज प्रखंड के उर्दू मध्य विद्यालय सूर्यापुर के प्रधानाध्यापक शोभाकांत देव को विभिन्न अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा ने निलंबन का आदेश जारी किया है। प्रधानाध्यापक को विभागीय कार्यवाही के अधीन भी किया गया है। औचक निरीक्षण में सामने आईं कई गड़बड़ियां जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, प्रतापगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने 1 अक्टूबर 2026 को पत्रांक 865 के माध्यम से निरीक्षण रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी थी। बीडीओ ने 30 सितंबर को सुबह 11:45 बजे विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक की कार्यशैली असंतोषजनक बताई गई और कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। रंग-रोगन कराए बिना विकास राशि निकालने का आरोप जांच रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में विद्यालय को विकास मद में मिली राशि से रंग-रोगन कराए बिना ही अभिलेख तैयार कर राशि की निकासी कर ली गई। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक कैशबुक भी प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि विद्यालय के अभिलेख अपने घर पर रखे हैं। मध्याह्न भोजन के रिकॉर्ड में भी मिली खामियां निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन की उपस्थिति पंजी में उस दिन छात्रों की संख्या दर्ज नहीं मिली। वहीं, मध्याह्न भोजन से संबंधित कैशबुक की जांच में वर्ष 2020 से विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। रिपोर्ट में इन गड़बड़ियों को गंभीर मानते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। त्रिवेणीगंज में रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय जिलाधिकारी के निर्देश पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 के तहत शोभाकांत देव को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार, आरोपपत्र अलग से जारी किया जाएगा और आगे विभागीय कार्यवाही की जाएगी।  

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