सासाराम संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कैमूर जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल, भभुआ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का गहनता से अवलोकन किया। कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल भी उनके साथ मौजूद थे। अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज आते मीडिया से बातचीत में सांसद मनोज कुमार ने बताया कि दिशा (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) के चेयरमैन के तौर पर उन्होंने सदर अस्पताल की सुविधाओं और वहां व्याप्त कमियों की समीक्षा की है। उनका मुख्य उद्देश्य कैमूर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज आते हैं, जिनकी सेवा में डॉक्टर और स्टाफ कार्यरत हैं। सांसद ने आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत गरीब मरीजों को इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, वे राशन कार्ड और आधार कार्ड के माध्यम से अस्पताल में तुरंत कार्ड बनवा सकते हैं। अस्पताल में 6 वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट निरीक्षण के दौरान कुछ महत्वपूर्ण खामियां भी सामने आईं। सांसद ने बताया कि अस्पताल में छह वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट उपलब्ध हैं, लेकिन तकनीशियन और चालकों की कमी के कारण ये उपकरण सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। सांसद मनोज कुमार ने भरोसा दिलाया कि इन संसाधनों को क्रियाशील बनाने के लिए वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। इस अवसर पर सांसद ने बिहार में नए मंत्रिमंडल के गठन पर सभी मंत्रियों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनने पर भी शुभकामनाएं दीं। सांसद ने उम्मीद जताई कि नया मंत्रिमंडल बिहार को बेहतर बनाएगा और पलायन कर चुके 5 से 6 करोड़ लोगों को वापस लाने तथा रोजगार के अवसर प्रदान करने पर काम करेगा। राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने बच्चों पर हुए लाठीचार्ज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सांसद ने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए। सासाराम संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कैमूर जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल, भभुआ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का गहनता से अवलोकन किया। कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल भी उनके साथ मौजूद थे। अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज आते मीडिया से बातचीत में सांसद मनोज कुमार ने बताया कि दिशा (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) के चेयरमैन के तौर पर उन्होंने सदर अस्पताल की सुविधाओं और वहां व्याप्त कमियों की समीक्षा की है। उनका मुख्य उद्देश्य कैमूर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज आते हैं, जिनकी सेवा में डॉक्टर और स्टाफ कार्यरत हैं। सांसद ने आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत गरीब मरीजों को इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, वे राशन कार्ड और आधार कार्ड के माध्यम से अस्पताल में तुरंत कार्ड बनवा सकते हैं। अस्पताल में 6 वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट निरीक्षण के दौरान कुछ महत्वपूर्ण खामियां भी सामने आईं। सांसद ने बताया कि अस्पताल में छह वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट उपलब्ध हैं, लेकिन तकनीशियन और चालकों की कमी के कारण ये उपकरण सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। सांसद मनोज कुमार ने भरोसा दिलाया कि इन संसाधनों को क्रियाशील बनाने के लिए वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। इस अवसर पर सांसद ने बिहार में नए मंत्रिमंडल के गठन पर सभी मंत्रियों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनने पर भी शुभकामनाएं दीं। सांसद ने उम्मीद जताई कि नया मंत्रिमंडल बिहार को बेहतर बनाएगा और पलायन कर चुके 5 से 6 करोड़ लोगों को वापस लाने तथा रोजगार के अवसर प्रदान करने पर काम करेगा। राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने बच्चों पर हुए लाठीचार्ज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सांसद ने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए।


