पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बन गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर (बुधवार) को इसका ऐलान किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर बनकटा के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उनको CEO बनाए जाने के बाद से गांव में जश्न का माहौल है। मिठाई बांटी गई और जय श्रीराम के नारे लगे। जीतेंद्र मिश्रा के चाचा ने कहा- भतीजे ने पहले देश की सेवा की, अब प्रभु राम की सेवा करेगा। दैनिक भास्कर की टीम उनके गांव पहुंची और परिवार के लोगों से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भोपतपुरा गांव में रहने वाले जीतेंद्र के चाचा रामप्यारे मिश्रा मालवीय इंटर कॉलेज में हेड क्लर्क रहे हैं। वह बताते हैं- परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल शुरू से था। मेरे बड़े भाई और जितेंद्र के पिता नथुनी मिश्र जेएनयू में प्रोफेसर थे। एक बेटा लंदन में पीएचडी, दूसरा बीटेक कर रहा रामप्यारे मिश्रा बताते हैं- मेरे भाई का परिवार लंबे समय से दिल्ली में ही रह रहा है। जीतेंद्र के छोटे भाई देवेंद्र मिश्रा भी दिल्ली में मौलाना आजाद अस्पताल में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। मेरी भाभी और जीतेंद्र की मां सरस्वती देवी उनके साथ दिल्ली में रहती हैं। जीतेंद्र की पत्नी वत्सला देवी गृहिणी हैं। उनके 2 बेटे सारण्य और शांतनु हैं। सारण्य लंदन से पीएचडी कर रहे हैं, जबकि शांतनु बीटेक कर रहे हैं। चाचा बोले- भतीजे को श्रीराम की सेवा का मौका मिला रामप्यारे मिश्रा मालवीय इंटर कॉलेज में हेड क्लर्क रहे हैं। उन्होंने जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भतीजे ने भारतीय वायुसेना में रहकर लंबे समय तक देश की सेवा की है। अब उन्हें प्रभु श्रीराम से जुड़े कार्य की जिम्मेदारी मिली है। यह परिवार और गांव दोनों के लिए गौरव की बात है। पिता की मौत के बाद गांव आए थे जीतेंद्र मिश्रा चाचा ने बताया- जीतेंद्र मिश्रा के पिता नथुनी मिश्रा का 2022 में निधन हुआ था। इसके बाद पैतृक गांव भोपतपुरा में कार्यक्रम रखा गया था। इसमें जीतेंद्र मिश्रा शामिल हुए थे। इसके बाद फोन पर लगातार परिवार का गांव से जुड़ाव बना रहा है। हालांकि, जीतेंद्र की शिक्षा और फिर सैन्य सेवा की वजह से उनका ज्यादातर समय दिल्ली में ही बीता। गांव वाले बोले- हमारे लिए गर्व की बात बुधवार को जैसे ही जीतेंद्र मिश्रा के राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नियुक्त होने की खबर गांव पहुंची, तो परिजनों और गांववालों में खुशी का माहौल हो गया। जयश्री राम के नारे लगने लगे। गांववालों का कहना है कि भोपतपुरा के किसी व्यक्ति का वायुसेना में एयर मार्शल बनना और अब राम मंदिर ट्रस्ट में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। पड़ोसी बोले- ईमानदारी का तोहफा मिला गांव में रहने वाले बुजुर्ग और रिश्तेदार जगदीश मिश्रा कहते हैं- जीतेंद्र ने सेना में सेवा दी है। अब उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने पर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। एक और रिश्तेदार दया शंकर मिश्र ने कहा कि यह बहुत सम्मान और प्रतिष्ठा की बात है। जीतेंद्र बेहद ईमानदार इंसान हैं। उनकी ईमानदारी का ही उन्हें तोहफा मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनसे हाथ मिलाकर उनकी पीठ थपथपाई थी। भाजपा नेता बोले- हमारे क्षेत्र के लिए गौरव का पल भाजपा नेता राजकुमार शाही ने बताया- जीतेंद्र मिश्रा हमारे विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने सेना में भी बहुत साहसिक और ऐतिहासिक काम किया था। संयोग ऐसा रहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के समिति के लोगों ने उनका CEO के पद पर चयन किया। यह बनकटा ब्लॉक, भाटपार रानी विधानसभा, देवरिया जिले और यूपी के लिए बहुत गौरव का क्षण है। इस नाते हम लोगों को तो बहुत खुशी है। लग रहा है, जैसे हमारे घर-आंगन का ही व्यक्ति CEO बना है। इसके लिए मैं ईश्वर को भी साधुवाद देता हूं कि जीतेंद्र को श्रीराम की सेवा करने का मौका मिलेगा। जब तक सेवा में थे, देश की रक्षा की। आज फिर अपनी संस्कृति की रक्षा में लगेंगे। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद हुई नियुक्ति श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने का ऐलान किया। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के 3 महीने के बाद उनकी नियुक्ति हुई है। जीतेंद्र मिश्रा ही क्यों बनाए गए सीईओ ऑपरेशन सिंदूर में हीरो इमेज: जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) भी मिला। यूपी से कनेक्शन: वे देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यानी राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति में उनका यूपी कनेक्शन भी है। सैन्य अनुभव का इस्तेमाल: करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले। ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है। ब्राह्मण चेहरा- यूपी में करीब 13% आबादी ब्राह्मणों की है। जीतेंद्र मिश्रा इसी वर्ग से आते हैं। प्रदेश में सरकार बनाने में ब्राह्मण वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। —————————— यह खबर भी पढ़ें… राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा:चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को इसका ऐलान किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। पढ़ें पूरी खबर…

